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नोएडा सेक्टर 100 की हाईराइज सोसाइटी में एसी फटा, कई फ्लैट आग की चपेट में

नोएडा. नोएडा (Noida) की एक बहुमंजिला सोसायटी (high rise society) में एसी फटने (AC exploded) से भीषण आग (fire) लग गई है जिससे कई फ्लैट (Flat) आग की चपेट में आ गए हैं. मामला नोएडा के सेक्टर 100 में स्थित लोटस ब्लूबर्ड सोसाइटी का है. AC मे ब्लास्ट होने से पूरा फ्लैट आग की चपेट में आ गया जिससे सोसाइटी में रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई. आसपास के फ्लैट्स में रहने वाले लोग अपना फ्लैट छोड़कर ग्राउंड में आ गए. कई और फ्लैट भी आग की चपेट मे आने की संभावना है.


आसपास के फ्लैट्स में रहने वाले लोग अपना फ्लैट छोड़कर ग्राउंड में आ गए. कई और फ्लैट भी आग की चपेट मे आने की संभावना है. लोगों ने आग लगने की सूचना तुरंत दमकल विभाग को दी. फिलहाल आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है.

आपको बता दें कि बुधवार को ही नोएडा से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम में भी एक फ्लैट में एसी फट गया था. एसी फटते ही घर में आग लग गई. गनीमत ये रही कि कोई हताहत नहीं हुआ. दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद एक घंटे में आग पर काबू पा लिया.

एसी में ब्लास्ट कैसे होता है?
एसी में ब्लास्ट होने की कई वजहें हो सकती हैं- जैसे कि अच्छे से सफाई न होना, खराब गुणवत्ता वाले केबल और प्लग का इस्तेमाल करना, वोल्टेज में उतार-चढ़ाव, गलत गैस का इस्तेमाल करना.

गंदगी: एसी के अंदर कंडेंसर पर गंदगी, मैल जमा होने के चलते समस्या खड़ी हो जाती है. गंदगी के चलते एसी गर्मी को बाहर नहीं निकाल पाती है. नतीजन, बिना बंद हुए ही एसी लगातार चलता रहता है और ब्लास्ट कर जाता है.

खराब वायरिंग

अगर एसी की वायरिंग में इस्तेमाल किया गया तार, प्लग, सॉकेट और सर्किट ब्रेकर अच्छी गुणवत्ता के नहीं हैं तो इसके कारण भी एसी में आग लग सकती है. ऐसी किसी दुर्घटना से बचने के लिए एसी में अच्छे सामान का इस्तेमाल किया जाना आवश्यक है.

पावर फ्लक्चुएशन

एसी के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रिक सामानों पर भी वोल्टेज के फ्लक्चुएशन, बोले तो उतार-चढ़ाव का प्रभाव पड़ता है. बिजली को लेकर देश में यह एक बड़ी समस्या है. इसके कारण भी एसी में आग लग सकती है.

गलत गैस का इस्तेमाल

एयर कंडीशनर में एक विशेष तरह की गैस का इस्तेमाल किया जाता है. आमतौर पर एसी में फ्रेऑन (Freon) गैस का इस्तेमाल होता है. इसमें आग नहीं लगती है, लेकिन ग्लोबल वॉर्मिंग में इसकी हिस्सेदारी काफी होती है.साल 2019 के बाद बने नए एसी में R410a नाम की गैस का इस्तेमाल किया जाता है, जो कि प्यूरॉन (Puron) होता है. इसमें भी आग नहीं लगती है. हालांकि गलत गैस का इस्तेमाल करने पर ओवर हीटिंग हो सकती है और किसी और तरीके से आग लग सकती है.

एसी के चलते किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए इसकी नियमित साफ-सफाई की जानी चाहिए, ताकि इसको कम भार झेलना पड़े. साथ ही एसी को ऐसी जगह पर लगाया जाना चाहिए, जहां से उसका एक हिस्सा बाहर की तरफ हो और पानी आसानी से निकल सके.

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