
नई दिल्ली। अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनियों में हाल ही के दिनों में लगातार बड़ी ब्लॉक डील्स ने निवेशकों और बाजार का ध्यान खींचा है। शुक्रवार को भी इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण लेन-देन हुआ, जिसमें एसबीआई म्यूचुअल फंड ने ग्रुप की दो कंपनियों में कुल 5,500 करोड़ रुपये से अधिक की हिस्सेदारी खरीदी।
यह केवल एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि पिछले एक महीने में लगातार जारी बड़ी ब्लॉक डील्स का हिस्सा है। पिछले 30 दिनों में ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का शेयर ब्लॉक डील्स के माध्यम से खरीदा और बेचा जा चुका है। इन डील्स से यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि जहां एक ओर मौजूदा बड़े निवेशक पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग के लिए अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्य बड़े निवेशक उनकी जगह लेने के लिए सक्रिय हैं।
शुक्रवार को हुई प्रमुख डील
शुक्रवार को ब्लॉक डील के जरिए अडानी ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों—Adani Enterprises और Adani Energy Solutions—में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी का लेन-देन हुआ। इस दौरान GQG Partners ने अपनी हिस्सेदारी बेची, जिसे SBI Mutual Fund ने खरीद लिया।
अंकड़ों के अनुसार, Adani Enterprises में GQG Partners ने 1.64 करोड़ शेयर, जो लगभग 1.3% हिस्सेदारी है, 4,760 करोड़ रुपये में बेचे। वहीं, Adani Energy Solutions में 0.5% हिस्सेदारी 958 करोड़ रुपये में ट्रांसफर हुई।
दिग्गज निवेशकों की भागीदारी
बीते महीने में अडानी ग्रुप में हुई कुल 15,000 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील्स में कई बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया। इनमें Capital Group, Capital International, SBI Mutual Fund, Birla Mutual Fund, GQG Partners और Qatar Holding LLC जैसे प्रतिष्ठित फंड शामिल हैं।
इस दौरान सबसे बड़ी ब्लॉक डील Adani Ports में हुई, जिसका लेन-देन लगभग 7,400 करोड़ रुपये का रहा। इसमें Capital Group ने प्रमुख हिस्सेदारी खरीदी। वहीं, Adani Enterprises में कुल ब्लॉक डील 6,200 करोड़ रुपये से अधिक रही, जिसमें SBI Mutual Fund लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ाता रहा। ध्यान देने योग्य है कि इस फंड ने सितंबर 2025 में भी हिस्सेदारी खरीदी थी। Adani Energy Solutions में भी 1,600 करोड़ रुपये से अधिक के सौदे हुए, जहां Birla Mutual Fund और SBI Mutual Fund ने Qatar Holding LLC और GQG Partners से शेयर खरीदे।
ग्रुप पर संस्थागत निवेशकों का भरोसा
इन लेन-देन से स्पष्ट होता है कि अडानी ग्रुप की कंपनियों में निवेश के लिए बड़े निवेशकों की लगातार रुचि बनी हुई है। ग्लोबल एसेट मैनेजर्स, सॉवरेन फंड्स और बड़े घरेलू म्यूचुअल फंड्स की भागीदारी यह दर्शाती है कि ग्रुप में संस्थागत निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। कुल मिलाकर, ब्लॉक डील्स की यह श्रृंखला यह साबित करती है कि बड़े निवेशक अडानी ग्रुप में लंबी अवधि के लिए भरोसा जता रहे हैं और भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास कहानी पर उनकी दृढ़ आस्था बरकरार है।
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