नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP ) के प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के आरोप में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) संदीप लांबा को प्रदर्शन स्थल की ड्यूटी से हटा दिया गया है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट में भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान दो रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों पर हुए कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो सामने आने के बाद संदीप लांबा को जंतर-मंतर पर तैनाती से हटाकर उनकी मूल पोस्टिंग पर भेज दिया गया है। संदीप लांबा दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारी हैं और वर्तमान में अतिरिक्त डीसीपी (उत्तर-पूर्व जिला) के पद पर तैनात हैं।
सोमवार को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें संदीप लांबा एक महिला प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद इस घटना को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने इस घटना का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत से कहा कि वीडियो में अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा स्पष्ट रूप से एक महिला को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं, जबकि वह कथित तौर पर किसी प्रकार की हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि जब वर्दीधारी अधिकारी सार्वजनिक रूप से अनुचित आचरण करते हैं तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से संबंधित अधिकारी को तलब कर स्पष्टीकरण मांगने की मांग भी की।
इधर, दिल्ली पुलिस ने टॉल्स्टॉय मार्ग और संसद मार्ग चौराहे पर दो रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों पर कथित हमले के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान सड़क पार कर रहे RAF जवानों पर कथित रूप से हमला किया गया, जिससे दोनों जवान घायल हो गए।
घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर अब पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के आरोप और न्यायिक समीक्षा तीनों समानांतर रूप से चल रही हैं। एक ओर महिला प्रदर्शनकारी से कथित दुर्व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षाबलों पर हमले के मामलों की भी जांच जारी है।
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