
नई दिल्ली। राजस्थान (Rajasthan) के जोधपुर (Jodhpur) में बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ शुरू हो गया है। इस बार अभ्यास में अमेरिकी वायुसेना (American Air Force) के अत्याधुनिक F-35 Lightning II लड़ाकू विमान पहली बार शामिल हुए हैं। अमेरिका के छह F-35 विमान 200 से ज्यादा एयरमैन के साथ भारत पहुंचे हैं।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अमेरिकी एयरपावर के जोधपुर पहुंचने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि F-35 पहली बार ‘तरंग शक्ति’ में हिस्सा ले रहे हैं और भारतीय वायुसेना के साथ-साथ अभ्यास में शामिल दूसरे साझेदार देशों की वायु सेनाओं के साथ भी उड़ान भरेंगे।
26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा अभ्यास
भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में चलेगा। इसमें करीब 40 देशों की भागीदारी हो रही है। इनमें से सात देश अपने लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य संसाधनों के साथ अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि बाकी देश पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुए हैं।
इस बार अभ्यास का सबसे प्रमुख आकर्षण अमेरिकी F-35 की भागीदारी है। F-35 को आधुनिक लड़ाकू विमानों की श्रेणी में प्रमुख विमान माना जाता है। भारत में इसकी पहली भागीदारी इससे पहले एयरो इंडिया के दौरान हुई थी। अब पहली बार यह विमान भारतीय वायुसेना के साथ ‘तरंग शक्ति’ जैसे बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास में उड़ान भरेगा।
अमेरिकी राजदूत बोले- एयरपावर जोधपुर पहुंची
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि अमेरिकी एयरपावर जोधपुर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि छह F-35 Lightning II विमानों के साथ 200 से अधिक एयरमैन भारत आए हैं।
F-35 की पहली भागीदारी से अभ्यास में शामिल भारतीय और दूसरे साझेदार देशों की वायु सेनाओं को इस विमान के साथ प्रशिक्षण और संचालन का अनुभव लेने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ान से पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच समन्वय बढ़ाने का भी मौका मिलेगा।
क्या है ‘तरंग शक्ति’ का मकसद?
‘तरंग शक्ति’ का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और परिचालन सहयोग बढ़ाना है। अभ्यास के दौरान अलग-अलग देशों के सैन्यकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण लेने और संयुक्त अभियानों से जुड़े तौर-तरीकों को समझने का अवसर मिलता है।
इस तरह के अभ्यास में हिस्सा लेने वाली वायु सेनाएं एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संचार व्यवस्था और संचालन प्रक्रियाओं को करीब से समझ सकती हैं। भारतीय विमानों के साथ F-35 की उड़ान भी इसी प्रशिक्षण और आपसी समझ बढ़ाने की प्रक्रिया का हिस्सा होगी।
American airpower has arrived in Jodhpur! Six F-35 Lightning IIs and 200+ Airmen are now in India for their first-ever participation in Exercise Tarang Shakti. Excited to see America’s premier fifth-generation fighters make its Tarang Shakti debut, flying alongside the @IAF_MCC… pic.twitter.com/tOMgDO2Gf8
— Ambassador Sergio Gor (@USAmbIndia) September 26, 2026
40 देशों की मौजूदगी से बढ़ेगा अनुभव साझा करने का दायरा
‘तरंग शक्ति 2026’ में करीब 40 देशों की भागीदारी से अलग-अलग वायु सेनाओं के बीच अनुभव साझा करने का दायरा बढ़ेगा। सात देशों के लड़ाकू विमान और अन्य सैन्य संसाधन सीधे अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं, जबकि अन्य देश पर्यवेक्षक की भूमिका में रहेंगे।
यह अभ्यास भारत के लिए दूसरे देशों के साथ रक्षा सहयोग और सैन्य समन्वय को आगे बढ़ाने का मंच भी है। अलग-अलग देशों के विमानों और सैन्य दलों की मौजूदगी से प्रशिक्षण के साथ-साथ संयुक्त संचालन से जुड़े अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
F-35 की पहली भागीदारी इस अभ्यास को खास बनाती है। भारतीय वायुसेना और अमेरिकी वायुसेना के साथ अन्य साझेदार देशों की भागीदारी के बीच जोधपुर में होने वाली उड़ानें बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास के जरिए आपसी परिचालन समझ बढ़ाने पर केंद्रित रहेंगी।
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