
नई दिल्ली ।बुलंदशहर (Bulandshahr) में प्रसव (Delivery) के बाद 23 वर्षीय महिला की मौत (Death) का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ (Hospital Staff) पर गंभीर लापरवाही (Negligence) का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत बिगड़ने और उसकी मौत होने के बावजूद उसे स्वस्थ बताकर अस्पताल से घर भेज दिया गया। घटना के बाद अस्पताल (Hospital) का स्टाफ मौके से चला गया, जबकि सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
मामला बुलंदशहर नगर के भूड़ चौराहा स्थित एक निजी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का है। चोला क्षेत्र के गांव कौराली निवासी शमी आलम की 23 वर्षीय पत्नी मुस्कान को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बृहस्पतिवार रात अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार भर्ती कराए जाने के समय महिला की हालत सामान्य थी और उसे प्रसव के लिए अस्पताल में रखा गया था।
परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को मुस्कान ने एक पुत्री को जन्म दिया। उनका आरोप है कि प्रसव के बाद महिला को लगातार रक्तस्राव होता रहा। अस्पताल स्टाफ ने शरीर में रक्त की कमी बताते हुए करीब तीन यूनिट रक्त की व्यवस्था करने को कहा। परिजनों ने तत्काल रक्त उपलब्ध कराया। इसके बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हो सका और बाद में उसकी मौत हो गई।
परिवार के सदस्यों का आरोप है कि शनिवार सुबह अस्पताल की ओर से छुट्टी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान अस्पताल की ओर से भुगतान के लिए रकम जमा कराने की बात कही गई। महिला के परिजन पैसे की व्यवस्था करने के लिए बैंक चले गए। उनका कहना है कि इसी बीच अस्पताल में मौजूद महिला को स्वस्थ बताकर घर ले जाने के लिए डिस्चार्ज कर दिया गया।
परिजनों के अनुसार जब उन्हें महिला की स्थिति के बारे में जानकारी मिली तो वे अस्पताल पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्होंने महिला को मृत अवस्था में पाया। उनका आरोप है कि अस्पताल स्टाफ उन्हें पहले ही छोड़कर जा चुका था। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया।
हंगामे के दौरान अस्पताल का स्टाफ और वहां भर्ती कुछ अन्य मरीज भी मौके से चले गए। स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों तथा अन्य लोगों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने परिजनों से शिकायत देने को कहा और मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
परिवार के सदस्य तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि महिला को भर्ती कराने के समय उसकी हालत ठीक थी और प्रसव के बाद रक्तस्राव की स्थिति में अस्पताल की ओर से उचित उपचार नहीं किया गया। परिजनों ने डिलीवरी के दौरान हुई कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और बाद में शव को अपने साथ घर ले गए। परिवार की ओर से मामले में कार्रवाई की मांग जारी रखी गई है। घटना ने निजी अस्पतालों में प्रसव के दौरान मरीजों की निगरानी, आपात स्थिति में उपचार और डिस्चार्ज प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होने की बात कही गई है।
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