
डेस्क: ऑनलाइन डिलीवरी के जरिए महंगा सामान भेजना अब लोगों के लिए चिंता का कारण बनता जा रहा है. लैपटॉप, मोबाइल और टैबलेट जैसी कीमती चीजें डिलीवरी राइडर के जरिए भेजने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है. ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी पंकज ठाकुर के साथ सामने आया है. उन्होंने 17 अगस्त को नेहरू प्लेस से अपना लैपटॉप घर मंगाने के लिए ऑनलाइन डिलीवरी कंपनी की सेवा ली थी. राइडर ने दुकान से लैपटॉप लिया, लेकिन उसे लेकर रास्ते से गायब हो गया. कई दिन बीत जाने के बाद भी न तो लैपटॉप मिला और न ही कंपनी की ओर से कोई ठोस मदद की गई.
पंकज ठाकुर के मुताबिक, उन्होंने 17 अगस्त को लैपटॉप को नेहरू प्लेस स्थित डेटा रिकवरी प्वाइंट की दुकान से अपने घर पहुंचाने के लिए राइडर बुक किया था. राइडर दुकान पर पहुंचा और लैपटॉप लेकर निकल गया. इसके बाद काफी समय बीतने के बावजूद वह घर नहीं पहुंचा. करीब चार घंटे इंतजार करने के बाद पंकज ने डिलीवरी कंपनी के कस्टमर केयर पर संपर्क किया. कंपनी की ओर से उन्हें बताया गया कि राइडर का पता लगाने के लिए दो दिन का समय चाहिए. पंकज का कहना है कि दो दिन बीतने के बाद भी कंपनी की तरफ से उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई.
लैपटॉप नहीं मिलने के बाद पंकज ने कंपनी से सामान की कीमत के बराबर मुआवजे की मांग की. आरोप है कि कंपनी ने साफ तौर पर कहा कि उसकी पॉलिसी के मुताबिक राइडर के गायब होने की स्थिति में कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं है. इतना ही नहीं, ग्राहक ने राइडर का पता और अन्य जानकारी भी मांगी, लेकिन उन्हें यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई. इसके बाद पंकज ने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया. उन्होंने कालकाजी थाने में ई-एफआईआर दर्ज कराई. हालांकि, उनका कहना है कि शिकायत के बाद भी अभी तक उन्हें लैपटॉप वापस नहीं मिला है और पुलिस की ओर से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
देशभर में बड़ी संख्या में ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें कुछ बड़ी कंपनियां हैं, जबकि कई कंपनियां केवल एक या कुछ शहरों तक सीमित हैं. बड़ी कंपनियां अपनी साख बनाए रखने के लिए ग्राहकों की शिकायतों को प्राथमिकता देती हैं, लेकिन छोटी कंपनियों के मामले में ग्राहकों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे मामलों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्राहक का सामान डिलीवरी पार्टनर के पास पहुंचने के बाद गायब हो जाए तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी. ग्राहक को कंपनी की पॉलिसी, डिलीवरी की शर्तों और सामान की सुरक्षा से जुड़े नियमों को बुकिंग से पहले अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए.
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