
इन्दौर। शहर (Indore) एक ओर तो मादक तस्करी (Drug trafficking) का गढ़ बनता जा रहा है, वहीं अवैध शराब (Illicit liquor) के धंधे में भी कीर्तिमान बना रहा है। हद तो यह है कि अब इंदौर के बच्चे भी शराब तस्कर (liquor smugglers) बनते जा रहे हैं। शराब तस्करों ने पुलिस और आबकारी विभाग की नजरों से बचने के लिए अब नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। शनिवार शाम केसरबाग ब्रिज के नीचे हुई आबकारी विभाग की कार्रवाई में पकड़े गए एक 13-14 वर्षीय बालक ने पूछताछ में ऐसे खुलासे किए, जिसने अधिकारियों को भी चौंका दिया।
आबकारी अधिकारी अभिषेक तिवारी, देवेश चतुर्वेदी और मनोज अग्रवाल द्वारा शनिवार को चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान उपनिरीक्षक प्रियंकारानी चौरसिया ने टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर देवेंद्र नगर क्षेत्र में एक पल्सर बाइक को रोकने का प्रयास किया। बाइक पर दो लोग सवार थे। पीछा करने पर वाहन चालक बाइक छोडक़र फरार हो गया, जबकि उसके साथ बैठा नाबालिग पकड़ में आ गया। बाइक से करीब 69.48 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद की गई। पूछताछ में बालक ने बताया कि बालदा कॉलोनी, केसरबाग और आसपास की बस्तियों में एक संगठित गिरोह सक्रिय है। गिरोह का एक सरगना है, जिसके अधीन 4 से 5 सुपरवाइजर काम करते हैं। हर सुपरवाइजर के पास 4 से 5 बच्चे हैं, जिनका उपयोग शराब की सप्लाई और तस्करी में किया जाता है। बच्चों को सुबह घर से लाने, शराब पहुंचाने और वापस छोडऩे तक की व्यवस्था गिरोह करता है।
बच्चों को ऐसे फंसाया जाता है जाल में
नाबालिग ने बताया कि बदले में बच्चों को रोज 200 से 300 रुपए नकद, खाना-पीना और आने-जाने की सुविधा दी जाती है। कम उम्र में इतनी रकम और सुविधाओं के कारण कई बच्चे तेजी से इस नेटवर्क का हिस्सा बनते जा रहे हैं। तस्करों को लगता है कि बच्चों पर किसी को शक नहीं होगा, इसलिए वे उन्हें ढाल बनाकर अवैध शराब का कारोबार चला रहे हैं।
जज ने जताई सख्त नाराजगी
रविवार को बालक को बाल न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने मामले को गंभीर मानते हुए श्रम कानूनों के तहत भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही नाबालिग बच्चों से काम कराने वाले लोगों और उनकी भूमिका की जांच कर संबंधित अभिभावकों को भी आरोपी बनाए जाने की बात कही गई।
अब पूरे नेटवर्क पर शिकंजा
आबकारी विभाग को फरार आरोपी अंकित, बाइक नंबर और नाबालिग से मिली जानकारियों के आधार पर पूरे नेटवर्क के सुराग मिले हैं। टीम अब गिरोह के सरगना, सुपरवाइजरों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढऩे पर शहर में सक्रिय एक बड़े शराब तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
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