
इंदौर। स्कूल (schools) में कौन विद्यार्थी (students) रोज आ रहा है और कौन लगातार कक्षाओं से गायब है, अब इसका हिसाब सिर्फ रजिस्टर के पन्नों (Pages of the register) तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों (Government schools) में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति अब ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस नवाचार व्यवस्था का उद्देश्य केवल हाजिरी का रिकॉर्ड तैयार करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की नियमितता पर नजर रखते हुए उनकी पढ़ाई में होने वाले नुकसान को समय रहते रोकना है। लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों की पहचान होने के बाद स्कूल स्तर पर उनकी स्थिति पर ध्यान दिया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से छूटी पढ़ाई पूरी कराने की व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षक लगाएंगे ऑनलाइन हाजिरी
विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के लिए उन्हें किसी तरह की बायोमेट्रिक मशीन, फेस रीडिंग या जीपीएस लोकेशन की जरूरत नहीं होगी। उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक की रहेगी। शिक्षक एजुकेशन पोर्टल के स्टूडेंट मैनेजमेंट सेक्शन में जाकर कक्षा और सेक्शन का चयन करेंगे। इसके बाद विद्यार्थियों की सूची सामने आएगी, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी के सामने प्रेजेंट या अब्सेंट का विकल्प रहेगा। शिक्षक उसी आधार पर रोज की उपस्थिति दर्ज करेंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी से भोपाल तक दिखेगा रिकॉर्ड
उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होने के बाद इसका रिकॉर्ड उच्च स्तर पर भी उपलब्ध रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारियों से लेकर लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारी तक स्कूलवार और कक्षावार विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी कर सकेंगे। इससे स्कूलों में उपस्थिति व्यवस्था की नियमित समीक्षा करना भी आसान होगा।
सिर्फ आंकड़ा नहीं, बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा होगा रिकॉर्ड
नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अनुपस्थिति का रिकॉर्ड तैयार होने के बाद लगातार गैरहाजिर रहने वाले विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन से विद्यार्थी नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं और उनकी पढ़ाई किस स्तर पर प्रभावित हो रही है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्कूल स्तर पर संपर्क, पढ़ाई में सहयोग और जरूरत के अनुसार रिमेडियल क्लासेस जैसी व्यवस्था की जा सकेगी। यानी ऑनलाइन हाजिरी का मकसद केवल यह जानना नहीं होगा कि विद्यार्थी स्कूल आया या नहीं, बल्कि उसकी पढ़ाई छूटने से रोकना भी होगा।
पोर्टल में बदलाव होते ही लागू होगी व्यवस्था
डीपीआई के निर्देश जारी होने के बाद अब एजुकेशन पोर्टल पर विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए आवश्यक कॉलम और विकल्प अपडेट किए जा रहे हैं। पोर्टल पर सुविधा लाइव होते ही प्रदेश के सभी शासकीय हाई स्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। विद्यार्थियों के लिए नई व्यवस्था में कोई अतिरिक्त तकनीकी प्रक्रिया नहीं रखी गई है। उनकी उपस्थिति शिक्षक ही दर्ज करेंगे। ऐसे में इसका सीधा असर विद्यार्थियों पर किसी नई तकनीकी जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि स्कूल में नियमित आने और पढ़ाई से जुड़े रहने की निगरानी बढ़ने के रूप में दिखाई देगा।
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