बीजिंग। चीन (China) एक बार फिर अपनी सैन्य क्षमताओं को लेकर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने एक नई और बेहद उन्नत पनडुब्बी विकसित (Advanced submarines developed) की है, जिसे उसकी खास डिजाइन और तकनीकी खूबियों के कारण “मिस्ट्री सबमरीन” कहा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह पनडुब्बी पानी के भीतर बेहद कम पहचान के साथ संचालित हो सकती है, जिससे दुश्मन के लिए इसका पता लगाना कठिन हो सकता है।
विदेशी रक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पनडुब्बी को पहली बार सैटेलाइट तस्वीरों में Jiangnan Shipyard में देखा गया। हालांकि, चीन सरकार की ओर से अब तक इस प्रोजेक्ट को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना चीन की समुद्री सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकती है।
क्या है इसकी सबसे बड़ी खासियत?
बताया जा रहा है कि यह नई पनडुब्बी करीब 120 मीटर लंबी है और पारंपरिक हमला करने वाली कई पनडुब्बियों से आकार में बड़ी मानी जा रही है। इसकी डिजाइन एक्स-शेप (X आकार) में बताई जा रही है, जो पानी के भीतर संतुलन और संचालन क्षमता को बेहतर बना सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पनडुब्बी की सबसे अलग विशेषता इसका “लो-विजिबिलिटी” डिजाइन है। पारंपरिक पनडुब्बियों में मौजूद बाहरी ढांचे-जैसे कम्युनिकेशन मास्ट, सेंसर और नेविगेशन उपकरण—को सीमित या अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। माना जा रहा है कि इससे पानी के भीतर घर्षण (ड्रैग) कम होगा, रफ्तार बढ़ेगी और संचालन के दौरान शोर भी कम पैदा होगा।
‘गायब’ होने वाली पनडुब्बी क्यों कहा जा रहा?
सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि इसकी स्टेल्थ तकनीक और कम ध्वनि पैदा करने वाली प्रणाली इसे दुश्मन की निगरानी प्रणालियों से बचने में मदद कर सकती है। इसी वजह से इसे “गायब हो जाने वाली पनडुब्बी” कहा जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि भविष्य में इसे बिना चालक दल (अनमैन्ड) संचालन के लिए भी तैयार किया जा सकता है।
हाल के वर्षों में चीन ने अपनी नौसैनिक क्षमता को तेजी से विस्तार दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीते पांच वर्षों में चीन ने बड़ी संख्या में नई पनडुब्बियों को अपनी नौसेना में शामिल किया है। माना जा रहा है कि चीन अब जमीन आधारित सैन्य शक्ति के साथ-साथ समुद्री प्रभुत्व बढ़ाने पर अधिक जोर दे रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह रहस्यमयी पनडुब्बी चीन के लंबे समय से चर्चित टाइप-095 परमाणु-संचालित अटैक सबमरीन कार्यक्रम से जुड़ी हो सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इसी बीच, दुनिया के कई देश भविष्य के समुद्री युद्ध को देखते हुए नई पीढ़ी की पनडुब्बी तकनीक पर काम कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र के भीतर निगरानी और युद्ध क्षमता आने वाले समय में वैश्विक सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बनने जा रही है।
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