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उदयपुर में ‘चिंतन शिविर’ के बीच कांग्रेस को लगा झटका, सुनील जाखड़ ने किया पार्टी छोड़ने का एलान


चंडीगढ़: कांग्रेस उदयपुर में पार्टी के पुनरुद्धार का रोडमैप तैयार करने के लिए तीन दिवसीय ‘नव संकल्प शिविर’ का आयोजन कर रही है. इस बीच पंजाब में उसे तगड़ा झटका लगा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज से लाइव होकर कांग्रेस छोड़ने का एलान किया.

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष ने कांग्रेस में जातिगत समीकरण को ध्यान में रखकर की जा रही राजनीति पर सवाल उठाए और आलकमान पर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस आलाकमान पर आरोप लगाया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाए जाने के बाद सीएम की नियुक्ति के मुद्दे पर पंजाब के एक खास नेता की बात सुनी गई. सुनील जाखड़ ने अंबिका सोनी का नाम लेते हुए सोनिया गांधी से उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

सुनील जाखड़ ने कहा कि उनके परिवार की 3 पीढ़ियों ने 50 साल तक कांग्रेस की सेवा की. इसके बावजूद “पार्टी लाइन पर नहीं चलने” के लिए “पार्टी के सभी पदों को छीन लिए” जाने से उनका दिल टूट गया था. आपको बता दें कि कांग्रेस ने हाल ही में सुनील जाखड़ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी और उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था.

पंजाब कांग्रेस ने उन्हें 2 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड करने की सिफारिश की थी, जिस पर सोनिया गांधी को फैसला लेना था. सुनील जाखड़ ने पहले 13 मई को उदयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला किया था. इसके लिए बाकायदा फ्लाइट की टिकट भी बुक करवा ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना विचार बदल दिया और 14 मई को दोपहर 12 बजे फेसबुक लाइव पर अपने मन की बात कही.

चन्नी को लेकर की गई टिप्पणी पर कांग्रेस ने जाखड़ को भेजा था नोटिस
सुनील जाखड़ को हाल ही में संपन्न चुनाव विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर बयानबाजी करने के आरोप में कांग्रेस ने नोटिस भेजा था. उन्होंने इस नोटिस का जवाब नहीं दिया. जाखड़ का कहना था कि नोटिस भेजने से पहले कांग्रेस हाईकमान को उनसे बात करनी चाहिए थी. इसी वजह से उन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया. उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वह कांग्रेस हाईकमान के आगे नहीं झुकेंगे.

अंबिका सोनी ने अटकाया था जाखड़ और सीएम कुर्सी की राह में रोड़ा
नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रमुख बनाने के लिए जाखड़ पद से हटा दिया गया था. कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद सुनील जाखड़ को सीएम बनाने की तैयारी थी. लेकिन अंबिका सोनी ने ‘सिख स्टेट सिख सीएम’ का तर्क देकर जाखड़ की उम्मीदवारी पर वीटो लगा दिया. वह इस बात से नाराज हैं कि कांग्रेस ने पहली बार पंजाब में हिंदू-सिख की बात की. वह पंजाबी हिंदू हैं और पंजाब में कभी इस तरह का भेदभाव नहीं हुआ. साथ ही अंबिका सोनी की दखलंदाजी की वजह से वह उनसे खुन्नस खाए हुए हैं.

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