
जबलपुर। गोहलपुर थाना क्षेत्र में बाईपास मुख्य मार्ग पर तकनीकी खराबी या ईंधन खत्म होने से खड़ी चारपहिया गाड़ी को हटाने के नाम पर एफआरवी आरक्षक रंजीत कुमार यादव ने अधिवक्ता आशीष पटेल के परिजनों से 20 हजार रुपए की अवैध मांग की। रसीद मांगने पर विवाद बढ़ा तो पुलिसकर्मी वाहन को जबरन नो-एंट्री क्षेत्र से गुजारते हुए थाने ले आया।
इस दौरान साथी से गाली-गलौज और अभद्रता के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष मनीष मिश्रा, गजेंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में वकीलों ने गोहलपुर थाने के सामने धरना शुरू कर दिया। थाना प्रभारी रितेश पांडे के साथ तीखी बहस के बाद पुलिस ने 5 हजार रुपए का चालान काटा, मगर वकील आरोपी आरक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। बाईपास मुख्य मार्ग पर अचानक रुक गई गाड़ी को सुरक्षित किनारे करने के लिए परिजनों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी से मैकेनिक बुलाने का समय मांगा था। आरक्षक ने इस आग्रह को दरकिनार करते हुए तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाया और बड़ी रकम चुकाने की शर्त रखी। परिजनों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी वैधानिक जुर्माने की अधिकृत पावती चाहते हैं, जिस पर सिपाही भड़क गया और उसने सरकारी प्रक्रिया का पालन करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद बिना किसी वैध जब्ती पत्रक के गाड़ी की चाबी छीन ली गई।प्रतिबंधित इलाके से निजी वाहन को खींचकर थाने के परिसर में लाकर खड़ा किए जाने के तरीके पर वकीलों ने कड़ा ऐतराज जताया। बाद में थाने के भीतर महज एक चौथाई राशि की रसीद थमाकर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया। वकीलों का कहना है कि यह स्पष्ट तौर पर वर्दी की आड़ में प्रताडि़त करने का उदाहरण है।
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