इंदौर न्यूज़ (Indore News)

ट्रेंचिंग ग्राउंड में आग लगने के बाद भी नहीं पहुंचे निगम के टैंकर

  • जोन 18 और 19 पर चलता रहा विवाद
  • अफसरों को मामले की शिकायत

इंदौर। कई जगह आग (fire) लगने की घटनाओं के बाद नगर निगम (Corporation ) के टैंकर (tankers) मौके पर नहीं भेजे जा रहे हैं। इसी के चलते कई बार विवाद की स्थिति बनती है। ट्रेंचिंग ग्राउंड (trenching ground) में कल लगी आग बुझाने के लिए निगम के टैंकर ही मौके पर नहीं पहुंचे। इस मामले को लेकर पुलिसकर्मियों और निगमकर्मियों की खासी हुज्जत हुई। डीजल बचाने के चक्कर में कई बार रात्रिकालीन ड्यूटी में तैनात टैंकर चालक फोन नहीं उठाते, जिसके चलते स्थिति बिगड़ती है।


नगर निगम कंट्रोल रूम और झोनलों पर आपातकालीन स्थितियों के लिए अग्निशमन सुरक्षा प्रबंधों के तहत कई टैंकर वहां तैनात रखे जाते हैं, ताकि कहीं से भी सूचना मिलने पर तत्काल गाडिय़ां भेजी जा सकें। निगम पर तो ठीक, लेकिन झोनलों की स्थिति सबसे खराब है। वहां कुछ टैंकर आपातकालीन स्थिति के लिए रखे जाते हैं, लेकिन न तो नर्मदा प्रोजेक्ट के अफसर फोन उठाते हैं और न ही टैंकर चालक। इसी को लेकर कई बार विवाद की स्थिति बनती है। कल भी दो से तीन बजे के लगभग ट्रेंचिंग ग्राउंड में आग लगने के बाद टैंकर भेजने के लिए बार-बार फोन किए जाते रहे, लेकिन टैंकर नहीं भेजे गए। जैसे-तैसे फायर ब्रिगेड की दमकलों के साथ पहुंचे टैंकरों ने वहां काम शुरू किया और सुबह 5 बजे तक निगम के टैंकर पहुंचे, तब तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था।

Share:

Next Post

तीन हजार एकड़ पर विकसित पीथमपुर के आटो टेस्टिंग ट्रैक पर अब इलेेक्ट्रिक वाहनों का भी होगा परीक्षण, अत्याधुनिक प्रयोगशाला भी बनेगी

Tue Apr 23 , 2024
कानपुर आईआईटी के साथ किया एमओयू साइन एशिया का सबसे बड़ा ट्रैक है मौजूद वाहनों के प्रदूषण को रोकने की तकनीक भी करेंगे विकसित इन्दौर। जब कोई वाहन (vehicle) कंपनी बाजार में अपने नए वाहन को लांच करती है, उसके पहले आटो टेस्टिंग (auto testing) ट्रैक पर उसकी सफल टेस्टिंग (testing) करवाना अनिवार्य रहता है। […]