नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पुराने व्यावसायिक वाहनों को हटाने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 9,585 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी गई है।
इस योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में चल रहे बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। वाहन मालिकों को नए बीएस-6 मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
2 लाख से ज्यादा वाहन होंगे प्रभावित
सरकारी योजना का लाभ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्रों में पंजीकृत करीब 2.07 लाख वाहन मालिकों को मिलेगा। इनमें लगभग 1.91 लाख ट्रक और 16,329 बसें शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी।
वाहन खरीदने पर मिलेंगी कई राहतें
नई योजना के तहत राज्य सरकारें नए वाहनों के पंजीकरण शुल्क में छूट देंगी। साथ ही मोटर वाहन कर में 10 साल तक 100 प्रतिशत तक राहत का प्रावधान किया गया है। पुराने वाहनों के मामले में टैक्स छूट की सीमा 50 प्रतिशत तक होगी।
इसके अलावा वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदने के लिए ऋण पर पांच साल तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। ईंधन खर्च को कम करने के लिए हर महीने 4,800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से भी नए वाहनों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की गई है। साथ ही पुराने वाहनों पर लंबित देनदारियों को भी माफ करने का प्रस्ताव है।
पुराने वाहनों के लिए क्या होंगे नियम?
बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों में भेजना अनिवार्य किया गया है। वहीं, बीएस-4 वाहनों को या तो स्क्रैप करना होगा या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहरों और कस्बों में बेचा जा सकेगा।
योजना के तहत एनसीआर में नया वाहन खरीदने वालों को बीएस-6 या उससे बेहतर मानकों वाला वाहन अथवा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में खरीदे जा सकेंगे, जबकि बसों के लिए बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक विकल्प अनिवार्य होंगे।
सरकारी वाहनों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
एयरलाइंस को भी राहत
इसी बैठक में सरकार ने विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) मूल्य स्थिरीकरण कार्यक्रम को भी मंजूरी दी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए तेल कंपनियों को 10,000 करोड़ रुपये तक की ब्याज-मुक्त अग्रिम सहायता दी जाएगी।
इससे एयरलाइंस को स्थिर कीमतों पर ईंधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतें सामान्य होने पर यह सहायता वापस ली जाएगी।
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