img-fluid

नेपाल में हिंदू राष्ट्र की वापसी की मांग ने पकड़ा जोर, सीमा वाले जिलों में प्रदर्शन की खबरों से बढ़ी चिंता

August 09, 2026

नई दिल्ली । नेपाल(Nepal) को दोबारा वैदिक सनातन हिंदू राष्ट्रVedic Sanatan Hindu) घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। काठमांडो से शुरू हुई यह बहस अब भारत की सीमा से लगे नेपाल के कई जिलों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। हिंदू संगठनों का कहना है कि देश की संवैधानिक पहचान को लेकर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के साथ व्यापक चर्चा शुरू करनी चाहिए। संगठनों की ओर से सरकार से तीन महीने के भीतर सर्वदलीय बैठक बुलाने और हिंदू राष्ट्र की बहाली को लेकर आगे की प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय करने की मांग की गई है।

हिंदू संगठनों के अनुसार काठमांडो के अलावा मोरंग सुनसरी सप्तरी सिरहा बारा पर्सा और रौतहट जैसे भारत सीमा से जुड़े इलाकों में भी इस मांग को लेकर गतिविधियां बढ़ी हैं। संयुक्त हिंदू मोर्चा की ओर से गृह मंत्री सुदन गुरुंग को ज्ञापन सौंपकर नेपाल की संवैधानिक पहचान पर पुनर्विचार के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग रखी गई है। नेपाल हिंदू स्वयंसेवक संघ की पशुपति शिक्षा प्रचार समिति से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी सरकार के सामने इस मांग को लगातार उठाए जाने की बात कही है।

हाल में सरकार और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में धार्मिक सौहार्द सुरक्षा और धार्मिक संस्थानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान संगठनों ने तीन महीने के भीतर सर्वदलीय बैठक आयोजित करने की मांग भी रखी। हालांकि नेपाली अधिकारियों ने इस बैठक को किसी औपचारिक समझौते का रूप नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि संगठनों को अपनी मांगें सरकार के सामने रखने का अवसर दिया गया था और आगे की राजनीतिक प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।

नेपाल की संवैधानिक पहचान का सवाल नया नहीं है। वर्ष 2007 के बाद नेपाल को धर्मनिरपेक्ष गणराज्य के रूप में स्थापित किया गया था। इसके बाद से अलग अलग समय पर देश को दोबारा हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग उठती रही है। अब एक बार फिर यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में आता दिखाई दे रहा है। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा तथा दोनों देशों के गहरे सामाजिक सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को देखते हुए इस बहस का प्रभाव सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी दिखाई दे सकता है।

भारत की सीमा से सटे इलाकों में भी इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच चर्चा बढ़ने की बात सामने आ रही है। रुपईडीहा से नेपालगंज तक बाजारों और चौक चौराहों पर नेपाल की धार्मिक पहचान को लेकर बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को लेकर किसी भी मांग के साथ सामाजिक सौहार्द और शांति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फिलहाल सीमा क्षेत्र में सामान्य जनजीवन जारी है।

विशेषज्ञों और स्थानीय संगठनों से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि हिंदू राष्ट्र की मांग व्यापक राजनीतिक आंदोलन का रूप लेती है तो इसका असर केवल नेपाल की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। भारत नेपाल के सामाजिक संबंधों और दक्षिण एशिया की राजनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। खुली सीमा और दोनों देशों के बीच लगातार होने वाले आवागमन को देखते हुए सीमा सुरक्षा भी महत्वपूर्ण विषय बन सकती है।


  • फिलहाल नेपाल सरकार की ओर से हिंदू राष्ट्र की बहाली को लेकर किसी निर्णायक राजनीतिक प्रक्रिया की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संगठनों की मांग किस तरह आगे बढ़ती है और क्या यह मुद्दा नेपाल की मुख्यधारा की राजनीति में व्यापक चर्चा का विषय बनता है। साथ ही भारत नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम पर किस तरह नजर रखती हैं यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।

    Share:

  • राहुल गांधी ने प्रयागराज में छात्रों से साधा संवाद, ‘दर्द-डेटा-दौलत’ के मुद्दे पर BJP का पलटवार

    Sun Aug 9 , 2026
    नई दिल्ली । प्रयागराज( Prayagraj)में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi)ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं(competitive exams) की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच संवाद करते हुए बेरोजगारी पेपर लीक महंगी शिक्षा और रोजगार के घटते अवसरों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। KP ग्राउंड में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved