मॉस्को। रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच रूस के कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट (Kursk Nuclear Power Plant) के एक कूलिंग टावर पर ड्रोन हमले की जानकारी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की परमाणु निगरानी संस्था इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के मुताबिक, गुरुवार तड़के एक ड्रोन प्लांट की एक रिएक्टर यूनिट के कूलिंग टावर से टकराया। हालांकि, घटना के बाद न तो आग लगी और न ही रिएक्टर यूनिट के संचालन में कोई बदलाव दर्ज किया गया।
IAEA ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बताया कि ड्रोन घटना के समय संबंधित रिएक्टर यूनिट संचालन में थी। इसके बावजूद यूनिट के ऑपरेशनल मोड में कोई बदलाव नहीं हुआ। घटना के बाद आग लगने की भी सूचना नहीं है।
परमाणु निगरानी संस्था ने घटना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि परमाणु सुविधाओं पर होने वाले किसी भी हमले से परमाणु सुरक्षा और संरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
After five days of dialogue, events and interactions, the 70th IAEA General Conference has come to a close. With over 3600+ participants, this year’s #IAEAGC was the biggest ever.
This year’s conference also featured the #ScientificForum, where ‘Rays of Hope’ took centre stage.… pic.twitter.com/MrfYCdidxH
— IAEA – International Atomic Energy Agency ⚛️ (@iaeaorg) September 18, 2026
IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा कि परमाणु सुविधाओं पर हमले कहीं भी हों, वे अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं परमाणु सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
ग्रॉसी ने परमाणु दुर्घटना के खतरे को रोकने के लिए अधिकतम सैन्य संयम बरतने की अपनी अपील दोहराई। IAEA लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास सैन्य गतिविधियों से पैदा होने वाले जोखिम को लेकर चेतावनी देता रहा है।
कुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेन की सीमा के नजदीक स्थित है। यह करीब 4.4 लाख आबादी वाले क्षेत्र की राजधानी कुर्स्क शहर के पश्चिम में स्थित है।
फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से IAEA ने दोनों पक्षों से परमाणु प्रतिष्ठानों के आसपास सैन्य गतिविधियों को लेकर संयम बरतने की अपील की है। एजेंसी का कहना है कि परमाणु सुविधाओं की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी घटना का असर व्यापक हो सकता है।
IAEA ने शुक्रवार को फिर दोहराया कि परमाणु सुविधाओं पर किसी भी तरह का हमला स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि इससे परमाणु सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
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