
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के मुख्यमंत्री (CM) उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल (Cabinet) का विस्तार करते हुए चार नए मंत्रियों को सरकार में शामिल किया। शपथ लेने वाले सभी चार नेता कश्मीर घाटी से हैं। इनमें एक महिला विधायक शमीम फिरदौस भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सरकार के मौजूदा मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को अपने औपचारिक इस्तीफे सौंपे। अब सरकार में विभागों के बंटवारे और फेरबदल की संभावना है।
वहीं, मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर विधायक मुबारक गुल ने निराशा जताई। उन्होंने कहा कि वह करीब 30 बार मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हो चुके हैं, लेकिन दुर्भाग्य से इस बार भी उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया।
शपथ ग्रहण समारोह में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक अली मोहम्मद सागर ने उर्दू में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। सागर अपने राजनीतिक करियर में अब तक विधानसभा चुनाव नहीं हारे हैं। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में श्रीनगर के खानयार निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। उन्होंने पूर्व उप महापौर शेख इमरान को 9,912 मतों से हराया था।
कुपवाड़ा जिले के त्रेहगाम से विधायक मीर सैफुल्ला ने अंग्रेजी में शपथ ली। वह उत्तरी कश्मीर से आते हैं और कई बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
दो विधायकों को पहली बार मिली मंत्रिमंडल में जगह
मंत्रिमंडल विस्तार में दो नए चेहरों को पहली बार मंत्री बनाया गया है। हब्बाकदल से विधायक और नेशनल कॉन्फ्रेंस की महिला इकाई की अध्यक्ष शमीम फिरदौस ने अंग्रेजी में शपथ ली। वह उमर अब्दुल्ला मंत्रिपरिषद में सकीना इत्तू के बाद दूसरी महिला मंत्री बनी हैं।
इसके अलावा, पहलगाम से विधायक अल्ताफ अहमद वानी, जिन्हें कल्लू के नाम से भी जाना जाता है, ने भी पहली बार मंत्री पद की शपथ ली। वह पारंपरिक कश्मीरी कराकुली टोपी पहने समारोह में पहुंचे और अंग्रेजी में शपथ ग्रहण की।
कांग्रेस सरकार से अब भी दूर
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले उमर अब्दुल्ला सरकार में छह मंत्री थे। जम्मू-कश्मीर में 90 सदस्यीय विधानसभा के हिसाब से मंत्रिपरिषद में अधिकतम नौ मंत्री हो सकते हैं, जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस की गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार में शामिल नहीं होने का फैसला बरकरार रखा है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस नहीं मिलता तब तक वह मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी।
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