
नई दिल्ली. भारत (India) में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 90 अरब डॉलर ($90 Billion) के पार पहुंच सकता है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया (Amardeep Singh Bhatia) ने कहा, अप्रैल, 2025 से फरवरी, 2026 के दौरान देश में कुल 88 अरब डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है।
इससे पूरे वित्त वर्ष के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। इस अवधि में देश में शुद्ध एफडीआई बढ़कर 6.26 अरब डॉलर हो गया है, जबकि 2024-25 में यह 80.61 अरब डॉलर था। भाटिया ने कहा, सरकार की ओर से निवेश आकर्षित करने के लिए किए गए नीतिगत सुधारों, विभिन्न देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों और तेज आर्थिक वृद्धि ने भारत पर विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। इन कारकों के चलते भारत वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में उभरा है।
इन्वेस्ट इंडिया से 6.1 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट
राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया ने 2025-26 में 6.1 अरब डॉलर से अधिक के 60 प्रोजेक्ट हासिल करने में मदद की है। ये निवेश 14 राज्यों में फैले हैं और इससे 31,000 से ज्यादा रोजगार सृजन की संभावना है। कुल निवेश का करीब 42 फीसदी यूरोपीय देशों से आया है, जबकि अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया से भी निवेश बढ़ा है।
एफडीआई नियमों में ढील पर जल्द आएगी अधिसूचना
सरकार चीनी कंपनियों में 10 फीसदी तक हिस्सेदारी रखने वाली विदेशी कंपनियों के लिए एफडीआई नियमों में ढील से जुड़े फैसले को जल्द अधिसूचित करेगी। अधिसूचना विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के तहत जारी होगी। सरकार ने मार्च में प्रेस नोट-3 (2020) में संशोधन को मंजूरी दी थी। हालांकि, यह छूट चीन, हांगकांग या भारत से सटे अन्य देशों में पंजीकृत कंपनियों पर लागू नहीं होगी।
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