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गौतम अडानी बदलेंगे देश के इस सेक्टर की सूरत, इंवेस्ट करेंगे 8.35 लाख करोड़

नई दिल्ली: अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी ने काफी साल पहले जब देश के पोर्ट सेक्टर में इंवेस्ट करना शुरू किया था, तब से अब तक देश का पोर्ट सेक्टर पूरी तरह बदल चुका है. अडानी ग्रुप की अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन आज ना सिर्फ देश की सबसे बड़ी पोर्ट कंपनी है, बल्कि ये अब दुनिया की सबसे बड़ी पोर्ट कंपनियों में से एक बन चुकी है. अब अडानी ग्रुप एक बार फिर देश के एक सेक्टर को पूरी तरह बदलने जा रहा है और इस पर करीब 8.35 लाख करोड़ रुपए (कुल 100 अरब डॉलर) का निवेश करने वाला है.

अडानी ग्रुप लंबे समय से ग्रीन एनर्जी सेक्टर में काम कर रहा हैं. यहां तक कि ग्रुप की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट भी लगा रही है. ऐसे में देश के एनर्जी सेक्टर में बड़ा बदलाव करने में अडानी ग्रुप की अहम भूमिका रहने वाली है.

अडानी ग्रुप देश में एनर्जी चेंज के प्रोजेक्ट पर काम करेगा, वहीं इससे जुड़े जरूरी सामान की मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी भी डेवलप करेगा. इस पर अडानी ग्रुप करीब 100 अरब डॉलर का इंवंस्टमेंट करेगा. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने बुधवार को कहा कि उनकी कंपनी का मकसद ग्रीन एनर्जी के प्रोडक्शन के लिए जरूरी सभी प्रमुख कलपुर्जों की मैन्यूफैक्चरिंग करना है.


अडानी ग्रुप सूर्य की रोशनी से बिजली का प्रोडक्शन करने के लिए सोलर फार्म और हवा से ऊर्जा पैदा करने के लिए विंड मिल फार्म डेवलप कर रहा है. इसके अलावा कंपनी ग्रीन हाइड्रोजन से लेकर विंड एनर्जी टर्बाइन और सोलर पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रोलाइजर की मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित कर रहा है.

ग्रीन हाइड्रोजन को पानी से अलग करके बनाया जाता है. ये आज की तारीख में वाहनों को चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सबसे स्वच्छ ईंधन है. वहीं इसका उपयोग इंडस्ट्री के संचालन में भी किया जा सकता है. गौतम अडानी रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के सालना इंफ्रास्ट्रक्चर समिट-2024 कार्यक्रम में बोल रहे थे. गौतम अडानी ने कहा कि आने वाले भविष्य में एनर्जी सेक्टर में चेंज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अरबों डॉलर के अवसर मौजूद हैं. ये भारत को स्थानीय और वैश्विक स्तर पर बदल देंगे.

उनका ग्रुप अगले एक दशक में जहां एनर्जी चेंज पर 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने जा रहा है. वहीं गौतम अडानी का कहना है कि उनकी कोशिश दुनिया के सबसे सस्ते ग्रीन इलेक्ट्रॉन को बनाने की है. ये कई सेक्टर्स के लिए ‘फीडस्टॉक’ का काम करेगा. गौतम अडानी ने कहा कि दुनियाभर में एनर्जी सोर्स चेंज मार्केट करीब 3,000 अरब डॉलर था, जिसके 2030 तक बढ़कर 6,000 अरब डॉलर पर पहुंचने का अनुमान है. उसके बाद 2050 तक यह हर 10 साल में दोगुना हो जाएगा.

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