
नई दिल्ली(New Delhi)। उत्तराखंड हाई कोर्ट(Uttarakhand High Court) ने एक ऐसे मामले की सुनवाई की, जो कथित “दोहरे लाभ”(dual benefits)विशेष रूप से सरकारी योजनाओं (specifically government schemes)और आरक्षण(reservations)से जुड़ा था, और जिनका लाभ धार्मिक धर्मांतरण के बाद उठाया गया था। यह जनहित याचिका (PIL)(Public Interest Litigation) पिथौरागढ़ (Pithoragarh)के निवासी दर्शन लाल (Darshan Lal)ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग अपना धर्म बदलने के बाद भी पहले से मिल रहे सरकारी लाभों का फायदा उठाते रहते हैं।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से सवाल किया कि ऐसे कितने लोग हैं जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया है और इसके बावजूद वे सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। कोर्ट ने याची से यह भी कहा कि वह ऐसे सभी व्यक्तियों को तीन सप्ताह के भीतर मामले में पक्षकार बनाए और ठोस विवरण पेश करे।
याचिका में दावा किया गया है कि इस कथित स्थिति के कारण कई पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। याचिकाकर्ता ने अदालत से इस पर रोक लगाने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है।
इसी बीच प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ाई गई है। रुद्रपुर में जिला प्रशासन ने धर्मांतरण, अवैध नशा, अतिक्रमण और अवैध धार्मिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved