नई दिल्ली। वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने दुनिया को तेल भंडार (oil reserves) को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। एजेंसी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर व्यावसायिक तेल भंडार तेजी से कम हो रहे हैं और मौजूदा हालात में दुनिया के पास केवल कुछ हफ्तों का ही तेल स्टॉक बचा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडरा रहे खतरे ने तेल बाजार की चिंता और बढ़ा दी है।
पेरिस में जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक के दौरान IEA प्रमुख Fatih Birol ने कहा कि वैश्विक बाजार में सप्लाई बनाए रखने के लिए रणनीतिक तेल भंडार से रोजाना करीब 25 लाख बैरल तेल छोड़ा जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि ये भंडार सीमित हैं और लंबे समय तक दबाव झेलने की स्थिति में नहीं हैं।
एजेंसी के मुताबिक मार्च और अप्रैल के दौरान वैश्विक तेल भंडार में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। केवल दो महीनों में करीब 24.6 करोड़ बैरल तेल स्टॉक कम हो गया। IEA ने पहले भी आशंका जताई थी कि पश्चिम एशिया संकट के कारण इस साल वैश्विक तेल आपूर्ति मांग से पीछे रह सकती है।
वैश्विक संकट के बीच भारत ने फिलहाल राहत की स्थिति बताई है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि देश के पास पर्याप्त ईंधन भंडार मौजूद है और तत्काल आपूर्ति संकट की कोई चिंता नहीं है।
मंत्री के अनुसार भारत के पास इस समय करीब 60 दिनों का कच्चे तेल का भंडार सुरक्षित है। इसके अलावा लगभग 60 दिनों का एलएनजी (Liquefied Natural Gas) और 45 दिनों का एलपीजी स्टॉक भी उपलब्ध है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहीं और खुदरा ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं किया गया, तो सरकारी तेल कंपनियों को एक तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
तेल संकट का असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दिखने लगा है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई। पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी बार है जब ईंधन महंगा हुआ है।
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई, जबकि डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया। मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
कोलकाता में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां पेट्रोल 109.70 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। वहीं चेन्नई में पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
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