वॉशिंगटन। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर सख्त रुख दिखाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने चेतावनी दी है कि उनकी नौसेना दुश्मनों को “बिजली की तरह” जवाब देने के लिए तैयार है।
ईरान के सेना दिवस के मौके पर जारी बयान में खामेनेई ने कहा कि ईरानी नौसेना पूरी ताकत के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार है। उन्होंने अमेरिकी दबाव का सामना कर रही ईरानी सेना की भी सराहना की।
हाल ही में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का संकेत दिया था, जिसका स्वागत डोनाल्ड ट्रंप ने किया था। लेकिन इसके तुरंत बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर लगे अपने प्रतिबंध हटाने से इनकार कर दिया, जिससे हालात फिर बिगड़ गए।
ईरान ने इसे “वादा खिलाफी” बताते हुए होर्मुज को दोबारा बंद करने का ऐलान कर दिया।
तनाव के बीच ईरानी नौसेना ने इस मार्ग से गुजर रहे जहाजों को रेडियो संदेश के जरिए चेतावनी दी और कई जहाजों को वापस लौटने को कहा। एक भारतीय जहाज को भी बीच रास्ते से यू-टर्न लेना पड़ा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहे दो व्यापारिक जहाजों के पास गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि करीब 20 जहाजों को ओमान की ओर मोड़ दिया गया। अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों ने भी इस इलाके में बढ़ते जोखिम की पुष्टि की है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में जहाजों और उनके क्रू के सुरक्षित होने की बात कही गई है।
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। यहां बढ़ता तनाव न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और तेल कीमतों पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
कुल मिलाकर, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती तनातनी ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है, जहां किसी भी वक्त बड़ा टकराव हो सकता है।
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