
नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड (Blue Drum Murder Case) में जिला अदालत ने सौरभ राजपूत(Saurabh Rajput) की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी(Muskan Rastogi) और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला (Sahil Shukla)को मौत की सजा सुनाई है। बुधवार को आए इस फैसले के बाद एक बार फिर इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। इस घटना पर आधारित एक डॉक्यू-सीरीज (Docuseries) भी उपलब्ध है, जिसमें हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम, पुलिस जांच और आरोपियों की कहानी को प्रस्तुत किया गया है।
‘हनीमून से हत्या: महिलाएं क्यों मारती हैं’ नाम की इस डॉक्यू-सीरीज में मेरठ का ब्लू ड्रम हत्याकांड शामिल है। इस सीरीज में पतियों की हत्या से जुड़े पांच गंभीर मामलों को दिखाया गया है। घटनाओं को समझाने के लिए पुलिस जांच, साक्षात्कार और री-एनेक्टमेंट का सहारा लिया गया है। इसमें विशेषज्ञों के माध्यम से भी यह समझने की कोशिश की गई है कि संबंधित मामलों में महिलाओं ने अपने पतियों की हत्या क्यों की।
सौरभ राजपूत की हत्या की घटना 3 मार्च 2022 की बताई गई है। सौरभ लंदन में रहते थे। आरोपों के मुताबिक, उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। घटना के बाद दोनों पूरी रात शव के साथ उसी घर में रहे। अगले दिन उन्होंने बाजार से चाकू, सीमेंट और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा।
इसके बाद सौरभ के शव के चार टुकड़े किए गए। शव के टुकड़ों को तकिए के कवर में लपेटकर नीले ड्रम में रखा गया। पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट का घोल भी डाला गया। आरोपियों की योजना ड्रम को किसी दूसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाने की थी, लेकिन उसका वजन अधिक होने के कारण वे उसे घर से बाहर नहीं ले जा सके। इसके बाद ड्रम उसी मकान में रह गया।
घटना के अगले दिन, 4 मार्च को मुस्कान और साहिल ने अजब सिंह नाम के ड्राइवर के साथ कैब बुक की और घूमने के लिए निकल गए। ड्राइवर के अनुसार, दोनों ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की यात्रा की। इस दौरान वे मनाली, शिमला और कसोल गए। बताया गया कि दोनों 17 मार्च को मेरठ लौटे। इस बीच सौरभ का शव किराए के मकान में नीले ड्रम के भीतर छिपा रहा।
मेरठ लौटने के बाद मुस्कान ने अपनी मां कविता को फोन कर बताया कि उसने सौरभ की हत्या कर दी है और शव किराए के घर में पड़ा है। इसके बाद मुस्कान के पिता प्रमोद ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस संबंधित मकान में पहुंची और तलाशी के दौरान नीला ड्रम बरामद किया। ड्रम के अंदर सौरभ का शव मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ाई।
19 मार्च को मुस्कान और साहिल को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले का एक अन्य घटनाक्रम तब सामने आया, जब जेल में रहते हुए 24 नवंबर को मुस्कान ने एक बेटी को जन्म दिया। संयोग से इसी तारीख को सौरभ राजपूत का जन्मदिन भी बताया गया है। मुस्कान की पहली बेटी पीहू अपने दादा-दादी के पास रह रही है।
इस हत्याकांड पर बनी डॉक्यू-सीरीज में घटना के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा गया है। इसमें पुलिस जांच और संबंधित लोगों के साक्षात्कार के जरिए मामले को समझाने की कोशिश की गई है। सीरीज में मनोचिकित्सकों और अपराध मनोविज्ञान के विशेषज्ञों के जरिए भी इस तरह के अपराधों के पीछे संभावित मानसिक पहलुओं पर चर्चा की गई है। मेरठ की अदालत द्वारा मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद इस मामले से जुड़ी घटनाओं और डॉक्यू-सीरीज में दिखाई गई जानकारी फिर चर्चा में है।
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