img-fluid

रूस-यूएई के तेल पर भारत का बढ़ा भरोसा! जून के आंकड़ों से बड़ा खुलासा

June 21, 2026

डेस्क: भारत ने जून में रूस और संयुक्त अरब अमीरात से कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है. विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों ने होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने और खाड़ी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने से पहले पर्याप्त भंडार सुनिश्चित करने के लिए आयात बढ़ाया है. मैरीटाइम और कमोडिटी इंटेलीजेंस कंपनी केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, 19 जून तक भारत ने रूस से औसतन 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया है, जो मई में 19.1 लाख बीपीडी था.

इसके साथ ही रूस, भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. जून में यूएई से आयात 6.36 लाख बीपीडी रहा, जो मई के रिकॉर्ड 6.44 लाख बीपीडी के करीब है. वहीं, वेनेजुएला 2.09 लाख बीपीडी के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा. सऊदी अरब से आयात 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन रहा. इसके उलट अमेरिका से तेल आयात घटकर 91,000 बीपीडी रह गया, जबकि मई में यह 2.52 लाख बीपीडी था.


  • भारत की खरीद नीति में विविधीकरण की रणनीति साफ दिखाई दे रही है. रूस से रियायती दरों पर मिलने वाला कच्चा तेल आकर्षक बना हुआ है, जबकि यूएई से बढ़ी खरीद ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता के दौरान आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा आयातक है और कच्चे तेल, एलएनजी तथा एलपीजी की जरूरतों के लिए खाड़ी क्षेत्र पर काफी निर्भर है. अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई थी. यह जलमार्ग दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल खपत के परिवहन का प्रमुख रास्ता माना जाता है.

    हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम समझौते के बाद पिछले सप्ताह से तेल टैंकर की आवाजाही फिर शुरू हो गई है. इसके बावजूद संघर्षविराम के टिकने को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. केप्लर के सीनियर मैनेजर (मॉडलिंग) सुमित रितोलिया ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से भारत को सबसे तेज राहत एलपीजी सप्लाई में मिलेगी, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी का आयात सामान्य होने में कुछ अधिक समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि भारत पहले ही वैकल्पिक स्रोतों और आपूर्ति मार्गों के जरिये कई महीनों की बाधाओं के अनुरूप खुद को ढाल चुका है. इसलिए एलपीजी आपूर्ति पहले सामान्य होगी, उसके बाद एलएनजी और फिर कच्चे तेल की आपूर्ति में पूरी बहाली देखने को मिलेगी.

    रितोलिया के अनुसार, जून में रूस से भारत का तेल आयात 23.5 लाख बीपीडी से अधिक रहने और नया रिकॉर्ड बनाने की संभावना है. प्रतिस्पर्धी छूट और स्थिर मांग के कारण भविष्य में भी रूसी तेल भारत के आयात का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहेगा. उन्होंने कहा कि मार्च से भारतीय रिफाइनरियों ने खाड़ी क्षेत्र से कम आपूर्ति की भरपाई के लिए अटलांटिक क्षेत्र और वेनेजुएला से भी खरीद बढ़ाई है. जून में वेनेजुएला से आयात तीन से चार लाख बैरल प्रतिदिन रहने की उम्मीद है. रिपोर्ट के अनुसार, एलपीजी क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है. खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति प्रभावित होने के बाद अमेरिका भारत के लिए एक प्रमुख एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. हालांकि, इससे आपूर्ति का विविधीकरण बढ़ा है, लेकिन लंबी दूरी के कारण परिवहन लागत भी बढ़ी है.

    Share:

  • पूरी दुनिया में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस फिर इस भारतीय राज्य ने क्यों किया किनारा?

    Sun Jun 21 , 2026
    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पूरी दुनिया में मनाया गया। कोने-कोने में लोगों ने योग किया और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। भारत सरकार के सभी मंत्रियों और अन्य नेताओं ने भी योग किया और इसकी तस्वीरें भी शेयर कीं, लेकिन नगालैंड में रविवार को योग दिवस नहीं मनाया गया। […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved