
ड्रॉ से पहले जिन दो नामों की जताई थी आशंका, वही निकले प्रतिनिधियों ने लगाया सॉफ्टवेयर से सेटिंग का आरोप
इंदौर। एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL)और इंडियन ऑइल (Indian Oil) की एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप (LPG distributor) के लिए 10 जिलों के आवेदकों का इंदौर (Indore) कलेक्टर कार्यालय में ऑनलाइन लकी ड्रॉ विवादों में घिर गया। खंडवा से पहुंचे प्रतिनिधियों ने चयन प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि यह लकी ड्रॉ नहीं, बल्कि पहले से तय नामों को चुनने का खेल था।
कलेक्टर को भेजी जानकारी
विवाद बढऩे पर कक्ष क्रमांक 210 में मौजूद तहसीलदार नारायण नांदेड़ा ने लोगों को शांत कराया और मामले की रिपोर्ट कलेक्टर शिवम वर्मा को भेजने की बात कही। इंदौर, उज्जैन, मंडला, खंडवा सहित 10 जिलों के आवेदक कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। उक्त प्रक्रिया में शामिल होने के दौरान देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं कि यदि ड्रॉ पूरी तरह पारदर्शी था तो सॉफ्टवेयर का डेमो दिखाने में हिचकिचाहट क्यों रही और यदि प्रतिनिधियों की आशंका के अनुरूप वही नाम निकले तो क्या इसकी स्वतंत्र जांच होगी। मिलीभगत और सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved