
इंदौर। तीन दिन पहले द्वारकापुरी थाना क्षेत्र के हेड कांस्टेबल तन्मय सिंह तोमर द्वारा शराब दुकान पर अवैध वसूली के मामले में पुलिस ने क्षेत्र के जिलाबदर बदमाश महेश टोपी को गिरफ्तार किया है, आरक्षक महेश टोपी को गिरफ्तार करने पहुंचा था जहां बहस और विवाद के बाद उसने सेल्स मेन के साथ मारपीट की थी, अब पुलिस दोनों ही पहलुओं पर जांच कर रही है।
इंदौर की द्वारकापुरी थाना पुलिस ने हेड कांस्टेबल द्वारा अवैध वसूली के एक मामले में सख्त कार्रवाई की है। वही द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में स्थित एक शराब की दुकान पर धमकाकर पैसे मांगने के आरोप में पुलिस ने कुख्यात बदमाश महेश टोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह बदमाश पहले से ही जिला बदर घोषित था, फिर भी वह शहर में बेखौफ घूम रहा था। फरियादी शराब दुकान सेल्समेन के मुताबिक महेश टोपी नामक बदमाश ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर दुकान पर आकर अवैध रूप से पैसों की मांग की और धमकाया था। इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस आरक्षक तन्मय सिंह तोमर भी मौके पर पहुंचे थे, जहां उनका सेल्समैन से बहस के बाद विवाद हुआ था जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हुआ था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर तुरंत एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। जहां जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महेश टोपी और उसकी पत्नी दोनों ही वर्तमान में जिला बदर की अवधि काट रहे थे। इसके बावजूद वे शहर की सीमा में अवैध रूप से घूमते हुए पाए गए। पुलिस ने उनके खिलाफ अवैध वसूली के साथ-साथ जिला बदर के आदेश के उल्लंघन की धाराओं में भी कार्रवाई की है। इस पूरे मामले में पुलिस विभाग के एक हेड कांस्टेबल तन्मय सिंह तोमर की लापरवाही और संदिग्ध भूमिका भी सामने आई थी, जिसके बाद क्षेत्रीय डीसीपी सुनील मेहता ने आरक्षक को तत्काल निलंबित कर दिया था। वहीं आरक्षक तोमर के पास देखी गई सरकारी पिस्टल के मामले की विस्तृत जांच द्वारकापुरी एसीपी शिवेंद्र जोशी को सौंप दी गई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और साक्ष्य जुटा रही है। हेड कांस्टेबल तोमर की संलिप्तता और अन्य सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।
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