
इंदौर। रम और व्हिस्की के नाम पर फ्लेवर मिलाकर शराब बनाने और बेचने के आरोप में एफएसएसएआई द्वारा बिक्री प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब मामला अदालत पहुंच गया है। इंदौर के खंडवा रोड स्थित स्थित एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज लिमिटेड ने अपने दो ब्रांडों पर लगाए गए बिक्री प्रतिबंध को चुनौती देते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की है। कंपनी की याचिका पर कल प्रारंभिक सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले में भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता पक्ष रखेंगे।
एफएसएसएआई ने कुछ समय पहले इंदौर के खंडवा पर खोड़ीगांव स्थित तीन शराब निर्माण इकाइयों से छह शराब ब्रांडों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए मुंबई स्थित प्रयोगशाला भेजा था। जांच में छह ब्रांडों के नमूने सब-स्टैंडर्ड और मिसलीडिंग पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार जिन उत्पादों को रम और व्हिस्की के रूप में बेचा जा रहा था, उनके लेबल पर स्वयं कंपनियों ने एडेड नेचर आइडेंटिकल व्हिस्की/रम फ्लेवरिंग सब्सटेंस मिलाने का उल्लेख किया था।
जबकि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (अल्कोहलिक बेवरेजेज) रेगुलेशंस, 2018 के अनुसार रम और व्हिस्की में अलग से ऐसे फ्लेवरिंग पदार्थ मिलाने की अनुमति नहीं है। इसी आधार पर एफएसएसएआई ने इन उत्पादों को मानकों के अनुरूप नहीं माना और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड ब्रुअरीज लिमिटेड के सेंट्रल प्रोविंस सुपीरियर ग्रेन व्हिस्की और मैकडॉवेल्स नं. 1 सेलिब्रेशन मैच्योर्ड ङ्गङ्गङ्ग रम भी शामिल हैं। कंपनी ने इसी कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कल अगर इंदौर में दायर याचिका पर सुनवाई होती है तो इस विषय पर होने वाली यह देश की पहली सुनवाई होगी।
बिक्री पर रोक
एफएसएसएआई ने 20 जुलाई को तीनों कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा था। इसके बाद छहों ब्रांडों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी कर दिए गए।
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