
इंदौर। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक 17 किलोमीटर के एलिवेटेड कॉरिडोर पर अगले कुछ ही दिनों में मेट्रो का व्यवसायिक संचालन शुरू किया जाना है, जिसकी सभी तैयारी कॉर्पोरेशन ने कर ली है। बस मुख्यमंत्री से उद्घाटन की हरी झंडी मिलने का इंतजार है। दूसरी तरफ रोबोट चौराहा से खजराना के हिस्से में भी काम शुरू किया है, तो 11 स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के लिए भी मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टेंडर जारी किया है, जो जून माह में खुलेगा। इसमें दो एलिवेटेड के साथ 9 अंडरग्राउंड स्टेशन भी शामिल हैं। इसके अलावा तुर्किए की कम्पनी का ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम रद्द किया था। उसकी जगह पर्ची टिकट वितरित करना पड़ रही थी। मगर अब दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन के सहयोग से क्यूआर कोड वाला टिकट मिलेगा।
जिस वक्त लगभग 6 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर व्यवसायिक संचालन शुरू किया था, उसी वक्त भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति निर्मित होने और तुर्किए द्वारा भारत के खिलाफ पाकिस्तान को दिए गए ड्रोन के चलते देशभर में विरोध हुआ। नतीजतन इंदौर-भोपाल मेट्रो में भी तुर्किए की जिस कम्पनी से ऑटो मैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगवाया था, उसका उपयोग नहीं किया और उक्त ठेका भी निरस्त कर डाला। नतीजतन मेट्रो यात्रियों को हाथ से टिकट बनाकर देना पड़ी, क्योंकि एकाएक नया सिस्टम अपनाना संभव नहीं था।
शासन अनुमति के बाद मेट्रो कॉर्पोरेशन ने तुर्किए की कम्पनी को दिया गया ठेका तो निरस्त कर दिया और उसका पूरा सिस्टम भी हटाने के साथ दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन को इसकी जिम्मेदारी दी गई और जिस तरह दिल्ली मेट्रो में क्यूआर कोड वाला टिकट मिलता है और फ्लैब बैरियर पर ही स्कैन करने पर एंट्री और एग्जिट होती है, अब यही सिस्टम इंदौर मेट्रो में भी अपनाया जा रहा है और जो 16 स्टेशन तैयार हो गए हैं उनमें यह सिस्टम लग भी गया है। अब जब गांधी नगर से लेकर रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का जो व्यवसायिक संचालन शुरू होगा उसमें यात्रियों को ये क्यूआर कोड वाला टिकट ही मिलेगा।
दूसरी तरफ इंदौर मेट्रो के बचे 11स्टेशनों पर भी लिफ्ट और एस्केलेटर लगाने के लिए कॉर्पोरेशन ने टेंडर जारी किए हैं, जिसकी अनुमानित राशि लगभग 102 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें डिजाइन, निर्माण, सप्लाय, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग, कमिश्रनिंग सहित सारे कार्य रहेंगे और 5 मई को इसकी प्री-बीड मीटिंग, तो 29 मई से 08 जून तक बीड जमा करने की अवधि रहेगी और 9 जून को टेक्रिकल बीड खोली जाएगी। प्रोजेक्ट की टाइमलाइन लगभग 4 साल रखी गई है। इसमें 2 एलिवेटेड और 9 अंडरग्राउंड स्टेशन रहेंगे। बुजुर्ग, दिव्यांग सहित अन्य यात्रियों के लिए सभी मेट्रो स्टेशन पर अत्याधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर लगवाए जा रहे हैं। अब बचे 11 स्टेशनों के लिए भी टेंडर जारी कर दिए हैं। इन स्टेशनों का निर्माण अभी शुरू ही हुआ है।
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