
इंदौर। विभिन्न समाजों में लड़कियों की कमी के चलते लडक़ी दो-लडक़ी लो की पद्धति शुरू हो गई है। इस पद्धति के हिसाब से भतीजी की शादी करवाते हुए उसके एवज में चाचा की शादी भी करवाई जा रही थी। इस बेमेल शादी में 42 साल के दूल्हे को 14 साल की दुल्हन देने की कोशिश थी। जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए इस शादी को रुकवा दिया।
बाल विवाह को रोकने के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम पर बहुत से नागरिकों द्वारा गोपनीय रूप से शिकायत की जाती है। ऐसी ही एक शिकायत गत दिवस कंट्रोल रूम पर पहुंची। इस शिकायत में कहा गया कि सांवेर तहसील के दयाखेड़ी गांव के एक परिवार और रंगवासा के परिवार के बीच में बेमेल विवाह होने जा रहा है। एक परिवार के 19 साल के बेटे की शादी दूसरे परिवार की 18 साल की बिटिया से करवाई जा रही थी। इस शादी के एवज में लडक़े की 14 साल की बहन की शादी दुल्हन के 42 साल के चाचा से भी करवाने की तैयारी हो गई थी।
इस शादी में कहीं कोई समस्या नहीं आए, इसलिए दोनों परिवार उज्जैन जाकर शादी करने की तैयारी में थे। इसी बीच किसी के द्वारा बाल विवाह रोकने के कंट्रोल रूम पर शिकायत कर दी गई। इस शिकायत के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो 14 साल की बालिका के बालिग होने के दस्तावेज स्कूल की अंकसूची के रूप में दिए गए। इन दस्तावेजों की जब जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जांच करवाई गई तो मालूम पड़ा कि जो अनुसूची दी गई है वह फर्जी है। यह खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन की टीम द्वारा पहल करते हुए सांवेर के ग्राम दयाखेड़ी और रंगवासा के साथ ही उज्जैन में जिस स्थान पर शादी होना निश्चित किया गया था वहां पर भी विवाह करने पर रोक लगा दी गई। परिवार के लोगों को भी समझाया कि बाल्यावस्था में विवाह नहीं किया जाए। प्रशासन की इस पहल से एक मासूम बालिका का अधेड़ व्यक्ति से विवाह होने से भी बच गया।
सवारी बैठाने के विवाद में ब्लेड से जानलेवा हमला करने वाले रिक्शा चालक को 7 वर्ष कैद की सजा
सवारी बैठाने की बात पर हुए विवाद में एक अन्य रिक्शा चालक पर ब्लेड से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी रिक्शा चालक तुलसीराम पिता बिहारीलाल सोनवानी निवासी गोविंद नगर खारचा को अपर सत्र न्यायाधीश विनोदकुमार शर्मा की कोर्ट ने धारा 307 आईपीसी में दोषी पाते हुए 7 साल के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन कहानी के मुताबिक घटना 29 फरवरी 2024 को सुबह करीब 7 बजे बाणगंगा नाका स्थित ऑटो रिक्शा स्टैंड की है। रिक्शा चालक नंदकिशोर वहां सुबह करीब 5 बजे से सवारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान घटना के समय आरोपी तुलसीराम अपना रिक्शा लेकर वहां आया। आरोप है कि सवारी बैठाने की बात पर इनमें पहले भी विवाद हुआ था। इसी बात पर इनकी कहासुनी हुई। नंदकिशोर ने गाली-गलौज से मना किया तो आरोपी तुलसीराम ने ब्लेड से उसके गले, कान, ठोड़ी पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। सूचना पर बाणगंगा पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीकृत कर आरोपी तुलसीराम को गिरफ्तार किया था और विवेचना के बाद चालान कोर्ट में पेश किया था। शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक योगेश जायसवाल द्वारा पैरवी की गई।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved