
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने आज सुबह एमपीईबी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के सिलिकॉन सिटी सहित धार, उज्जैन, मुरैना के 9 ठिकानों पर एक साथ छापे की कार्रवाई की, जो अभी जारी है। प्रारंभिक जांच में उसकी 7 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि उसको वेतन के रूप में 33 साल के सेवाकाल में दो करोड़ रुपए की आय हुई है। उसकी इससे 33 प्रतिशत अधिक आय सामने आई है। उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया गया है।
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने बताया कि छापे की कार्रवाई अभी जारी है। अब तक की जांच में उसका सिलिकॉन सिटी में निधि वन में तीन मंजिला मकान, पुत्र शुभम के नाम से पीथमपुर में एक फैक्ट्री, पुत्रवधू और परिवार के नाम पर कर्निश पॉवर जोन फर्म, पीथमपुर में दो प्लाट पर एक फैक्ट्री, सप्तशृंगी कॉलोनी, अंजलि नगर और देवास में तीन आफिस, जो पत्नी और परिवार के सदस्यों के नाम हैं। समधी के नाम पर धार के औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री, जो कृष्णा पंवार के नाम से है, जिस पर निर्माण भी किया गया है।
दामाद और पुत्र के नाम से धार और उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र में तीन प्लाट पर ट्रांसफार्मर फैक्ट्री, ओमेक्स सिटी में प्लाट, रविदास नगर में मकान और बेटे के नाम से एक कार मिली है। इन सभी प्रापर्टियों का अनुमानित मूल्य सात करोड़ 16 लाख आंका गया है। फिलहाल इंदौर में चार ठिकानों, पीथमपुर में दो, उज्जैन में दो और मुरैना में एक स्थान पर जांच जारी है। पुलिस को उसके यहां से कुछ एफडी, बीमा पॉलिसी और बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। दो लॉकर के दस्तावेज भी मिले हैं। कुछ जेवरात भी मिले हैं। इनकी गणना अभी नहीं हुई है।
जूनियर इंजीनियर के बाद अब अधीक्षण यंत्री के यहां छापा
लोकायुक्त ने आज विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री शिवराज सेमल के यहां छापा मारा है। पता चला है कि उसके एक बेटे की कैंसर से मौत हो चुकी है, जबकि कुछ माह पहले बेटी की गोवा में मौत हो गई थी। वहीं जांच में यह बात भी सामने आ रही है कि उसके परिवार के लोगों के नाम से धार, उज्जैन में जो इलेक्ट्रिक सामान और ट्रांसफार्मर की फैक्ट्रियां मिली हैं, यहां बना माल वह विभाग में सेटिंग कर सप्लाई करता था। इसकी भी लोकायुक्त पुलिस की टीम जांच कर रही है। कुछ दिन पहले ही लोकायुक्त ने जूनियर इंजीनियर नरेशकुमार भांडेकर सुखलिया झोन को ट्रैप किया था। बताते हैं कि इस दौरान ही कुछ लोगों ने लोकायुक्त पुलिस को अधीक्षण यंत्री की शिकायत की थी और आज छापे की कार्रवाई हुई है। पिछले साल भी देवास के एक इंजीनियर ने अपने परिजन के नाम से एक इलेक्ट्रिक सामान की फैक्ट्री खोली थी और विभाग में माल सप्लाई करता था।
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