
वर्षों से पार्टी का काम कर रहे हैं, लेकिन बाहर के लोगों को मिल रहा मौका
इंदौर। भाजपा (BJP) के एससी मोर्चा (SC Morcha) में नगर अध्यक्ष (City President) को लेकर उठापटक शुरू हो गई है। इस बीच अध्यक्ष पद के लिए एक पुराने कांग्रेसी का नाम आगे आने के बाद पुराने दावेदारों ने इसके विरोध की तैयारी की है। उनका कहना है कि पार्टी में सालों से हम मेहनत कर रहे हैं और जब पद देने की बारी आई तो कांग्रेस से आए दलबदलू को पद दिया जा रहा है।
वर्तमान में दिनेश वर्मा अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष हैं। वे लगातार दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन अब उनके स्थान पर किसी नए की नियुक्ति किए जाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए करीब आधा दर्जन दावेदार सूची में शामिल हैं। इनमें नितेश खांडेकर, बबल वेद और सोनू अहिरवाल के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। हालांकि इसमें एक पेंच भी फंसता नजर आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस छोडक़र भाजपा में आए पूर्व पार्षद भूपेंद्र चौहान का नाम नगर अध्यक्ष के लिए संगठन के ही एक गुट ने आगे किया है और लगभग इस नाम पर सबकी रजामंदी भी ले ली गई है। सूत्रों का कहना है कि जो लोग दावेदारी कर रहे हैं, उन्होंने चौहान के नाम का विरोध करने की तैयारी कर ली है और अपनी बात को भोपाल तक पहुंचा रहे हैं। बताया जाता है कि पहले कांगे्रस से आए राजेश शिरोडक़र को भी अध्यक्ष बना दिया गया था और बाद में दो बार दिनेश वर्मा अध्यक्ष रहे और अब चौहान का नाम सामने आ रहा है। इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है और उन्हें लग रहा है कि पार्टी छोडक़र आने वालों को ही पद दिया जा रहा है तो क्या हमारी इतने सालों की मेहनत बेकार गई। पार्टी ने कांग्रेस छोडक़र आए नितेश नरवले को भी प्रदेश मंत्री बनाकर एक जिले का प्रभारी बना दिया। कुल मिलाकर अध्यक्ष की घोषणा होने के पहले ही एससी मोर्चा में घमासान की स्थिति बन रही है, जिसकी आहट दीनदयाल भवन में सुनाई देने लगी है।