कोलकाता। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आरोपी हमीम मंडल (Hamim Mandal) से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, विभिन्न संभावित आतंकी गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है। हालांकि, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सामने आए सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह भी पड़ताल की जा रही है कि हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान किसी संभावित हमले की योजना बनाई गई थी या नहीं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि संदिग्ध आरोपी उस दौरान दिल्ली पहुंचा था या नहीं। फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े सुरक्षा इनपुट भी सामने आए हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। एजेंसी फिलहाल इन दावों की पुष्टि के लिए डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी प्रमाण जुटा रही है।
एसटीएफ ने मामले में झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार नाम की एक युवती को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ी हुई थी और आरोपी के संपर्क में रहकर विभिन्न गतिविधियों में सहयोग करती थी। अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे पश्चिम बंगाल लाया गया, जहां आगे की पूछताछ जारी है।
जांचकर्ताओं के अनुसार, प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों की पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए नए लोगों से संपर्क स्थापित किए जा रहे थे। इन आरोपों की पुष्टि के लिए डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन गतिविधियों का फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है।
एसटीएफ ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर आमने-सामने पूछताछ करने की तैयारी की है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों किन विदेशी संपर्कों के संपर्क में थे, कथित फंडिंग का स्रोत क्या था और नेटवर्क का संचालन किस प्रकार किया जा रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी है। एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप, संभावित विदेशी संपर्कों और डिजिटल नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
एसटीएफ ने कहा है कि मामले की जांच कई स्तरों पर जारी है। अब तक सामने आए सभी आरोप जांच का हिस्सा हैं और उनकी पुष्टि उपलब्ध साक्ष्यों तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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