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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर संकट, नेपाल में फंसे 52 भारतीय, वीजा रोकने का चीन पर आरोप, विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार

June 28, 2026

नई दिल्ली। पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) पर गए करीब 52 भारतीय श्रद्धालु (Indian) इस समय नेपाल (Nepal) की राजधानी काठमांडू (Kathmandu) में फंसे हुए हैं और आगे की यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले को लेकर एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को विदेश मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है।

सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर, काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास को टैग करते हुए अनुरोध किया कि यात्रियों की मदद की जाए और उनकी यात्रा को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में सहयोग दिया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काठमांडू में फंसे सभी यात्री पुणे के रहने वाले हैं।

वीजा रोकने का आरोप
दावा किया जा रहा है कि चीन सरकार ने इन यात्रियों के लिए आवश्यक परमिट जारी किए थे और शुल्क भी लिया गया था, लेकिन अंतिम समय में उनके वीजा रोक दिए गए। बताया जा रहा है कि ये यात्री पिछले चार दिनों से काठमांडू में वीजा जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।


  • पांच साल बाद शुरू हुई थी यात्रा
    कैलाश मानसरोवर यात्रा को 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण रोक दिया गया था। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तनाव के चलते भी यह यात्रा स्थगित रही। वर्ष 2024 में रूस के कजान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बैठक के बाद संबंधों में सुधार हुआ और पिछले वर्ष जून में यात्रा को फिर से शुरू किया गया।

    21 जून को तिब्बत में दाखिल हुआ था पहला जत्था
    इस वर्ष 21 जून को नाथूला दर्रे के माध्यम से तीर्थयात्रियों का पहला जत्था तिब्बत में प्रवेश कर चुका है। इस समूह में 44 तीर्थयात्री, चार संपर्क अधिकारी और एक चिकित्सा अधिकारी शामिल थे। इस दल को सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

    विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी
    इस बीच विदेश मंत्रालय ने निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें यात्री आवश्यक चीन प्रवेश परमिट और वीजा के बिना यात्रा पर निकल पड़े और नेपाल में फंस गए।

    मंत्रालय ने साफ तौर पर सलाह दी है कि जब तक सभी जरूरी दस्तावेज पूरी तरह से प्राप्त न हो जाएं, तब तक यात्रा शुरू न की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि केवल पंजीकृत और अधिकृत टूर ऑपरेटरों के माध्यम से ही यात्रा की योजना बनाई जाए, अन्यथा फंसने का खतरा बढ़ सकता है।

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