
नर्मदापुरम। सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जहां पूरे प्रदेश में आबकारी विभाग चेकिंग अभियान चला रहा है, वहीं नर्मदापुरम के गुराड़िया जाट गांव में पुलिस और आबकारी प्रशासन की अनदेखी का बड़ा मामला सामने आया है। गांव में खुलेआम फल-फूल रहे अवैध शराब और जुए के कारोबार से परेशान होकर आदिवासी समाज की दर्जनों महिलाएं पिकअप में सवार होकर सीधे कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में गुहार लगाने पहुंचीं।
स्कूलों के बीच सज रही शराब की मंडी
ग्रामीण रितेश राठौर ने आरोप लगाया कि गांव के मिडिल और हाई स्कूल के ठीक बीचो-बीच बेखौफ होकर अवैध शराब बेची जा रही है। रानी बाई जाट, सुखराम पाटिल और सुरेश ठाकुर जैसे आरोपी बेधड़क यह अवैध धंधा चला रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने शिवपुर थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी चाही, तो वहां मौजूद ASI ने कार्रवाई करने के बजाय संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए दो टूक कह दिया कि शराब बिकना बंद नहीं होगी!
14 साल के बच्चे नशे की गिरफ्त में; मजदूरी के पैसे छीन मारपीट करते हैं पति
जनसुनवाई में पहुंची विमला धुर्वे और अन्य महिलाओं ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि अवैध शराब और जुए के अड्डों ने पूरे गांव का माहौल खराब कर दिया है। 14 से 18 साल के नाबालिग बच्चे नशे की लत में फंसकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। दिनभर कड़ी मजदूरी करके लौटने वाली महिलाओं से उनके पति शराब के लिए जबरन पैसे छीनते हैं और विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती है। गलियों में शराबियों के हुड़दंग और गाली-गलौज के कारण महिलाओं व बेटियों का निकलना दूभर हो गया है।
कार्रवाई न हुई तो करेंगे मुख्यमंत्री निवास का घेराव
आक्रोशित महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि गांव में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई और दोषी माफिया पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगी। महिलाओं ने साफ कहा कि सुनवाई न होने की स्थिति में वे एकजुट होकर मुख्यमंत्री निवास भोपाल के लिए कूच करेंगी। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कड़ा कदम उठाता है।
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