
नई दिल्ली, गुरुवार को संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) का अंतिम दिन है. हंगामे के बीच लोकसभा (Lok Sabha) की कार्रवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित ( adjourned) कर दी गई. वहीं, राज्यसभा (Rajya Sabha) में भी जोरदार हंगामा देखने को मिल रहा है. गुरुवार को संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ओर से जोरदार विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला.
संसद के मॉनसून सत्र का आज आखिरी दिन है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों का प्रदर्शन संसद परिसर में देखने को मिला. पहले भी संसद के अंदर और बाहर सत्ता और विपक्ष के बीच भारी हंगामा देखने को मिला है. इस बीच लोकसभा की कार्रवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.
विपक्ष के हंगामे पर निशाना साधते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताई. रिजिजू ने कहा कि अपने तीस साल के लंबे संसदीय जीवन में उन्होंने ऐसा गैर-जिम्मेदार विपक्ष कभी नहीं देखा. रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल संसद में गंभीर मुद्दों पर चर्चा से लगातार भाग रहे हैं और उनका मुख्य काम सिर्फ तख्तियां लेकर सदन में नारेबाजी करना रह गया है.
रिजिजू ने लोकसभा में साफ कहा है कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन और नीट जैसे अहम मुद्दों पर तुरंत चर्चा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के गृह मंत्री खुद सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं, तो विपक्ष को सदन में बहस से भागना नहीं चाहिए.
हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ का मामला राज्यसभा में उठा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित ‘शुद्धिकरण’ का मुद्दा उठाया. यह कार्यक्रम 8 अगस्त 2026 को वहां कांग्रेस अध्यक्ष की रैली के बाद किया गया था.
खरगे ने कहा, इस छुआछूत के कृत्य के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए. मेरी यही मांग है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में भाजपा की भूमिका थी. इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. साथ ही उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे को ‘सनसनीखेज’ न बनाने को कहा.
सभापति राधाकृष्णन ने कहा, छुआछूत जैसी कोई चीज नहीं होनी चाहिए. यह पाप है. हम सभी शुद्ध हैं. मामले की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए.
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