
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले (PA Chandranath Rath case) में अब नया मोड़ सामने आया है। जांच में गलत पहचान का मामला उजागर होने के बाद गिरफ्तार किए गए एक युवक को रिहा कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फेसबुक रील बनाने वाले एक व्यक्ति को गलत तरीके से आरोपी समझ लिया गया था।
यूपी पुलिस की गलती से हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में शुरुआती जांच के दौरान गलती यूपी पुलिस से हुई बताई जा रही है। पहले जिस व्यक्ति को आरोपी मानकर गिरफ्तार किया गया था, उसकी पहचान में गड़बड़ी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, 11 मई को अयोध्या पुलिस की मदद से राज सिंह को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने बक्सर से दो अन्य आरोपियों विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को भी पकड़ा था। इन दोनों से पूछताछ के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की गई थी।
सीबीआई जांच के बाद हुआ बड़ा खुलासा
मामले में बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जांच में यह सामने आया कि पहले पकड़ा गया व्यक्ति असल में गलत पहचान का शिकार था। सीबीआई की पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि फेसबुक रील बनाने वाले युवक का इस हत्याकांड से कोई संबंध नहीं है, जिसके बाद उसे रिहा कर दिया गया। वहीं असली आरोपी को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया है।
सोशल मीडिया वीडियो भी आया था सामने
इस केस से जुड़े एक व्यक्ति का फेसबुक वीडियो भी पहले सामने आया था, जिसमें वह 21 सेकंड के क्लिप में “जय श्रीराम” कहते हुए जल्द जवाब देने की बात करता दिखा था। इसी वीडियो के आधार पर जांच एजेंसियों ने शुरुआती तौर पर सुराग जुटाए थे।
6 मई को हुई थी वारदात
यह पूरी घटना 6 मई की रात मध्यामग्राम इलाके में हुई थी। चंद्रनाथ रथ अपनी गाड़ी से जा रहे थे, तभी फर्जी नंबर प्लेट लगी एक कार ने उनकी गाड़ी को रोका। इसके बाद चार बाइकों पर सवार करीब 8 हमलावरों ने उन पर नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले को पूरी तरह से सुनियोजित बताया जा रहा है और इसे चुनाव के बाद की हिंसा से भी जोड़ा जा रहा है।
जांच अभी भी जारी
पुलिस और जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और साजिश के पीछे के लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और इसमें कई और परतें खुल सकती हैं।
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