
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में वर्ष 2025 में हुए चर्चित नन्नू सोनी हत्याकांड का पुलिस ने करीब एक साल बाद सनसनीखेज खुलासा कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि इस हत्याकांड की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि मृतक की पत्नी अर्चना सोनी ने अपने पहले पति रामप्रताप सोनी के साथ मिलकर रची थी. दोनों ने संपत्ति विवाद के चलते नन्नू सोनी की हत्या कर दी और वारदात के बाद लगातार ठिकाने बदलते हुए आठ राज्यों में भेष बदलकर पुलिस से बचते रहे. आखिरकार पन्ना पुलिस ने गुजरात के सूरत शहर से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पहले पति से अलगाव के बाद की थी दूसरी शादी
पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अजयगढ़ थाना क्षेत्र के बगहा गांव निवासी रामप्रताप सोनी और अर्चना की शादी करीब आठ-नौ साल पहले हुई थी. दोनों के दो बच्चे भी हैं. पारिवारिक विवाद के बाद अर्चना अपने मायके में रहने लगी. इसके बाद 27 मई 2025 को उसने रैपुरा थाना क्षेत्र के बघवारकलां निवासी नन्नू सोनी से कोर्ट मैरिज कर ली और दोनों बच्चों के साथ उसके घर रहने लगी.
जमीन-जायदाद को लेकर बढ़ा विवाद
दूसरी शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया. पुलिस के अनुसार, अर्चना चाहती थी कि नन्नू अपनी जमीन-जायदाद उसके दोनों बेटों के नाम कर दे. वहीं नन्नू को अर्चना के बच्चे पसंद नहीं थे. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे. लगातार बढ़ते विवाद के बीच अर्चना ने अपने पहले पति रामप्रताप से संपर्क किया और पूरी स्थिति बताई. इसके बाद दोनों ने मिलकर नन्नू को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
सोते समय डंडे से किया हमला
पुलिस के मुताबिक, 10 जुलाई 2025 की रात रामप्रताप चोरी-छिपे बघवारकलां पहुंचा. रात में जब नन्नू सोनी अपने कमरे में सो रहा था, तभी अर्चना और रामप्रताप ने लकड़ी के भारी डंडे से उसके सिर पर कई वार किए. गंभीर चोट लगने से नन्नू की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद दोनों आरोपी अर्चना के बच्चों को साथ लेकर फरार हो गए.
आठ राज्यों में बदलते रहे ठिकाने
हत्या के बाद आरोपी लगातार अपना हुलिया, मोबाइल नंबर और ठिकाना बदलते रहे. पुलिस ने उनकी तलाश में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और गुजरात सहित कई राज्यों में दबिश दी. लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन गुजरात के सूरत शहर के कपोदरा इलाके में मिली, जहां से दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता
एसपी निवेदिता नायडू ने बताया कि इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने में रैपुरा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक स्मिता सिंह बघेल, साइबर सेल पन्ना और पुलिस की विशेष टीम की अहम भूमिका रही. करीब एक वर्ष तक फरार रहने के बाद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस चर्चित हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया. अब दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उन्हें न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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