
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से होगी। पहले दिन सदन की कार्यवाही दिवंगत पूर्व विधायकों, पूर्व केंद्रीय मंत्री और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू होगी। इसके बाद प्रश्नकाल, अध्यादेशों और विभिन्न विभागों की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएंगी। दिन के अंत में खरीफ सीजन में खाद-बीज की कमी और कम बारिश से बने हालात पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी।
सत्र के पहले दिन पूर्व विधायक अविश्वनीजोशी और पहाड़ सिंह कनेौजे, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी, प्रसिद्ध शायर डॉ. बशीर बद्र और पंडवानी गायिका तीजन बाई के निधन का उल्लेख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद प्रश्नकाल होगा। सरकार पंचायत राज संशोधन अध्यादेश और उपकर संशोधन अध्यादेश को सदन के पटल पर रखेगी। साथ ही जीएसटी, वेट, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और उच्च शिक्षा विभागों से जुड़े वार्षिक प्रतिवेदन और अधिसूचनाएं भी सदन में प्रस्तुत की जाएंगी।
वहीं, इस सत्र में विपक्ष ने सरकार को कानून व्यवस्था, पेपर लीक, जमीन खरीद, केन-बेतवा विस्तापितों को मुआवजा नहीं मिलने पर घेरने की रणनीति बनाई है। इधर सरकार भी इस सत्र में यूसीसी बिल पेश करेगी।
पहले दिन का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा किसानों से जुड़ा रहेगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार नियम-139 के तहत खरीफ फसल के लिए खाद और बीज की उपलब्धता तथा कम वर्षा से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा की मांग करेंगे। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।
सदन में विधायक देवेंद्र पटेल की तरप तेज आवाज वाले डीजे साउंड सिस्टम पर कार्रवाई नहीं होने के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा। वहीं विधानसभा की सदस्य अर्चना चिटनीस महाराष्ट्र के पंढरपुर स्थित मध्यप्रदेश सदन के मरम्मत एवं विकास कार्य का मुद्दा भी उठाएगी।
विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी 25 जनहित याचिकाएं सदन में पेश करेंगे। इनमें सड़क निर्माण, पुल, पेयजल, स्कूल भवन, नगर परिषद गठन, स्वास्थ्य केंद्र, सिंचाई और बिजली जैसी स्थानीय समस्याएं प्रमुख हैं।
सत्र के पहले दिन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के लिए सदस्यों का निर्वाचन भी कराया जाएगा। दोनों समितियों में 11-11 सदस्य चुने जाएंगे।
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