
डेस्क: NEET-UG 2026 के रिजल्ट के बाद एक बार फिर परीक्षा रिजल्ट को लेकर विवाद सामने आया है. सोशल मीडिया पर कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि उनके वास्तविक प्रदर्शन और जारी किए गए स्कोर में बड़ा अंतर है. एक छात्र ने दावा किया कि उसकी OMR शीट और आंसर शीट के अनुसार 672 अंक बन रहे थे, लेकिन फाइनल रिजल्ट में उसे सिर्फ 4 अंक दिए गए. वहीं अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कहा है कि सभी शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और केवल मूल OMR शीट के आधार पर ही मामलों का वेरीफिकेशन किया जाएगा.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुमार सौरव ने छात्र बिपिन कुमार सिंह की ओर से पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया कि छात्र को NEET-UG के पहले चरण में 642 अंक मिलने की उम्मीद थी. इसके बाद हुए री-NEET एग्जाम में OMR शीट और आंसर-शीट के आधार पर 672 अंक बनने की बात कही गई. वहीं एलन के मॉक टेस्ट में भी छात्र के 620 से ज्यादा अंक आने का दावा किया गया.
पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि रिजल्ट जारी होने से पहले NTA की वेबसाइट पर सही जानकारी भरने के बावजूद लॉगिन नहीं हो सका और “गलत क्रेडेंशियल” बताकर 24 घंटे के लिए ब्लॉक कर दिया गया. बाद में जारी रिजल्ट में छात्र को 720 में से केवल 4 अंक मिलने का दावा किया गया. इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय और NTA को टैग कर OMR शीट दोबारा जारी करने की मांग की गई.
रिजल्ट को लेकर बढ़ते विवाद के बीच NTA ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे सभी दावों की जांच की जा रही है. एजेंसी का कहना है कि केवल वायरल पोस्ट के आधार पर किसी भी शिकायत को सही नहीं माना जा सकता.
NTA के अनुसार, जांच के दौरान कुछ ऐसी OMR शीट भी मिली हैं जो पहली नजर में फर्जी या AI की मदद से तैयार की गई लगती हैं. इसलिए स्क्रूटनी के लिए केवल मूल OMR शीट ही स्वीकार की जाएगी. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति फर्जी या AI से तैयार दस्तावेज जमा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. साथ ही छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वो अफवाहों और भ्रामक दावों से बचें तथा केवल आधिकारिक प्रक्रिया के तहत ही शिकायत दर्ज कराएं.
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