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NEET विवाद: धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-एनटीए में सुधार की जरूरत, गुनाहगार को नहीं छोड़ेंगे

नई दिल्ली.  नीट पेपर लीक (neet paper leak) मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) का यूटर्न नजर आ रहा है. देशभर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शन (Protest) के बीच उन्होंने माना है कि नीट परीक्षा (neet exam) परिणाम में कुछ गड़बड़ियां हुई हैं, जो भी बड़े अधिकारी इसमें शामिल पाए जाएंगे उन्हें बक्शा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी माना कि एनटीए में सुधार की जरूरत है.



नीट परीक्षा परिणाम में धांधली को लेकर देशभर में छात्र और अभिभावक एनटीए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी जैसे बड़े शिक्षण संस्थानों के छात्र संगठन NSUI, AISA, SFI और ABVP भी छात्रों के साथ जमकर आवाज उठा रहे हैं. उधर, बिहार के पटना-नालंदा और गुजरात के गोधरा में नीट पेपर लीक की ओर संकेत करने वाले कई सबूत मिले हैं, गिफ्तारियां हो रही हैं. बिहार में पकड़े गए कई आरोपियों ने EOU की पूछताछ में पेपर लीक और एजेंसी के अधिकारियों से सांठगांठ की बात कबूल की है. अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने भी नीट में गड़बड़ियों की बात मानी है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “NEET के संबंध में 2 प्रकार की अव्यवस्था का विषय सामने आया है. शुरुआती जानकारी थी कि कुछ छात्रों को कम समय मिलने के कारण उन्हें ग्रेस नंबर दिए गए. दूसरा 2 जगहों पर कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं. मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करता हूं कि इसे भी सरकार ने गंभीरता के साथ लिया है.

उन्होंने आगे कहा कि जानकारी हमें मिली है, हम सारे विषयों को एक निर्णायक स्थिति तक ले जाएंगे. उसमें जो भी बड़े अधिकारी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. NTA में बहुत सुधार की आवश्यकता है. सरकार इस पर चिंता कर रही है, किसी गुनहगार को छोड़ा नहीं जाएगा उन्हें कठोर से कठोर दंड मिलेगा.

बीते शनिवार धर्मेंद्र प्रधान ने कुछ छात्रों और अभिभावकों से अपने दफ्तर में मुलाकात की थी. उन्होने बताया था कि जो छात्र हमसे मिलना चाहते थे, मैंने उन्हें बुलाया, उनके अभिभावक भी आए, मैं उनसे मिला. मैंने उनका पक्ष सुना और मैंने उन्हें बेहतर महसूस कराया. सरकार प्रतिबद्ध है, और सभी छात्रों को यह आश्वासन मिलना चाहिए कि एक पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि 24 लाख छात्र आवेदक थे, और 23 लाख 30 हजार छात्रों ने परीक्षा दी है, यह स्वाभाविक है, उनके मन में जो भी शंकाएं आती हैं, कुछ मुद्दे मन में आए कि केंद्र में कुछ अनियमितताएं देखी गईं, ग्रेस मार्क्स के लिए समय की कमी के कारण, ग्रेस मार्क्स देने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्मूले में कुछ आपत्तियां उठाई गईं, उसे भी ठीक कर दिया गया. सुप्रीम कोर्ट ने कल उन्हें फिर से परीक्षा देने की अनुमति दी, उन्हें सूचित कर दिया गया है. जो लोग परीक्षा देना चाहते हैं, वे वहां भी परीक्षा दे सकते हैं.

बता दें कि इस साल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट परीक्षा परिणाम को लेकर पहली बार ऐसे कदम उठाए हैं जिनकी वजह से परीक्षा में अनियमितता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. नीट परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट समेत सात हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट एक साथ जोड़कर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा. इनमें नीट पेपर लीक और सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका भी शामिल है.

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