
वॉशिंगटन। नेपाल (Nepal) में भीषण बाढ़ (flood) के बाद राहत और बचाव अभियान के साथ अब आपदा में मारे गए लोगों की पहचान का काम भी तेज किया जा रहा है। इस अभियान में अमेरिका (America) ने आर्थिक मदद (Financial Assistance) के साथ अपनी फोरेंसिक विशेषज्ञता भी झोंक दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने नेपाल पुलिस को डीएनए किट और फोरेंसिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 10 लाख डॉलर की अतिरिक्त सहायता मंजूर की है। इससे नेपाल को राहत, स्वास्थ्य और आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए दी गई अमेरिकी मदद 50 लाख डॉलर से ज्यादा हो गई है।
अमेरिका की सहायता का दायरा सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। दूरदराज के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भोजन पहुंचाने से लेकर प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छता व्यवस्था उपलब्ध कराने तक कई स्तरों पर अभियान चलाया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में है।
10 हजार परिवारों तक पहुंचेगा आपातकालीन राशन
राहत अभियान में सबसे बड़ा हिस्सा विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के जरिए दी गई 30 लाख डॉलर की सहायता का है। इस रकम से बाढ़ प्रभावित करीब 10 हजार परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
बाढ़ के कारण कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। ऐसे में राहत सामग्री पहुंचाना भी बड़ी चुनौती है। प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए हवाई और सड़क मार्ग दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका मकसद राहत सामग्री की सप्लाई में आई रुकावट को जल्द से जल्द दूर करना है।
टेंट से लेकर सोलर लाइट तक पहुंचाई जा रही सामग्री
अमेरिका ने प्रभावित परिवारों की तत्काल जरूरतों को देखते हुए आश्रय और रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई है। कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज (CRS) के माध्यम से 6.85 लाख डॉलर की मदद दी गई है।
इस सहायता से भोजन, पीने का पानी, स्वच्छता, सुरक्षा और आर्थिक मदद के अलावा टेंट, कंबल, प्लास्टिक शीटिंग और सोलर लाइट जैसी सामग्री प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही है। बच्चों के लिए अलग से सुरक्षित और अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए ‘चाइल्ड फ्रेंडली’ स्थान भी बनाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था संभालने के लिए अलग फंड
बाढ़ के बाद बीमारी और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता संबंधी सेवाओं के लिए झपीगो, एफएचआई-360 और यूनिसेफ के जरिए 3.65 लाख डॉलर की सहायता दी गई है।
इस मदद का इस्तेमाल प्रभावित समुदायों तक जरूरी स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं पहुंचाने तथा साफ-सफाई से जुड़े इंतजाम मजबूत करने में किया जा रहा है।
अपनों की तलाश में मदद कर रही FBI
आपदा के बाद सबसे मुश्किल कामों में से एक मृतकों की सही पहचान करना होता है। नेपाल में इसी चुनौती से निपटने के लिए FBI के फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाल पुलिस के साथ काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञ डीएनए और अन्य फोरेंसिक तकनीकों की मदद से आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की सहायता कर रहे हैं। इस प्रक्रिया से उन परिवारों को भी मदद मिलने की उम्मीद है, जो बाढ़ के बाद से अपने परिजनों के बारे में जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी नागरिकों की पहचान और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने में भी यह विशेषज्ञता उपयोगी होगी।
अमेरिकी सेना ने खोज-बचाव के लिए भेजा सामान
राहत अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अमेरिकी सेना ने नेपाल के नेतृत्व वाले खोज, बचाव और राहत अभियान में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी उपलब्ध कराई है। इसमें 5,000 विशेष आपदा पीड़ित रिकवरी सामग्री, 500 फर्स्ट एड किट, स्ट्रेचर और फ्रंट-एंड लोडर शामिल हैं।
इसके अलावा चार सदस्यीय अमेरिकी सैन्य सिविल अफेयर्स टीम नेपाल में मौजूद है। यह टीम मानवीय सहायता और आपदा राहत से जुड़ी परियोजनाओं में स्थानीय स्तर पर सहयोग कर रही है।
जरूरत बढ़ी तो और मदद का भरोसा
नेपाल में राहत अभियान अभी जारी है और कई प्रभावित क्षेत्रों तक सामान्य सेवाएं बहाल करना चुनौती बना हुआ है। ऐसे में अमेरिका ने साफ किया है कि वह स्थिति पर नजर रख रहा है। नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त मानवीय और आपदा सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी भी रखी गई है।
इस तरह अमेरिकी मदद अब केवल राहत सामग्री और भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि बचाव, स्वास्थ्य, आश्रय और आपदा में मारे गए लोगों की पहचान तक फैल गई है। बाढ़ से तबाह नेपाल के लिए यह बहुस्तरीय सहायता राहत अभियान को गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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