
प्रयागराज। गंगा का जलस्तर कम होने के साथ प्रयागराज (Prayagraj) के संगम क्षेत्र में एक बार फिर आस्था की रौनक लौट आई। बाढ़ के कारण 13 दिनों से बंद लेटे बजरंगबली मंदिर (Bajrangbali Temple) के कपाट शनिवार को 14वें दिन श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर परिसर की सफाई और धुलाई के बाद बजरंगबली का अभिषेक किया गया और फूलों से श्रृंगार कर विधि-विधान से पूजा शुरू की गई।
दरअसल, 30 अगस्त से गंगा का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया था। सुरक्षा को देखते हुए मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए थे। हालांकि, भक्तों की आस्था नहीं रुकी। इस दौरान श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही लेटे बजरंगबली के दर्शन करते रहे और वहीं पूजा-अर्चना करते रहे।
पानी उतरते ही शुरू हुई मंदिर की सफाई
जलस्तर कम होने के बाद सबसे पहले मंदिर परिसर की विशेष सफाई और धुलाई कराई गई। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठान की तैयारी शुरू हुई। लेटे बजरंगबली का अभिषेक कराया गया और फूलों से भव्य श्रृंगार किया गया।
सफाई और पूजा-अनुष्ठान पूरा होने के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए तैयार किया गया। लंबे इंतजार के बाद कपाट खुलने की खबर मिलते ही संगम क्षेत्र में भक्तों की आवाजाही बढ़ गई।
ढोल-नगाड़ों के बीच हुई आरती
मंदिर के पट खुलने के बाद महंत बलवीर गिरि ने बजरंगबली की भव्य आरती की। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। ‘जय श्रीराम’ और बजरंगबली के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा।
कई दिनों से मंदिर के बाहर से दर्शन कर रहे श्रद्धालुओं के लिए कपाट खुलने का यह पल खास रहा। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर लेटे हनुमान जी के दर्शन किए, पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
बाढ़ के बाद फिर लौटी श्रद्धालुओं की चहल-पहल
गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण मंदिर परिसर में 13 दिनों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद रही थी। अब पानी घटने के बाद सफाई, धुलाई और धार्मिक अनुष्ठान की प्रक्रिया पूरी होने के साथ मंदिर फिर से भक्तों के लिए खुल गया है।
कपाट खुलने के बाद संगम क्षेत्र में भी रौनक बढ़ गई। मंदिर परिसर में घंटियों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों की आवाज सुनाई दी। बाढ़ के कारण थमी श्रद्धालुओं की आवाजाही अब फिर शुरू हो गई है।
लेटे अवस्था में दर्शन देते हैं हनुमान
संगम क्षेत्र में स्थित लेटे बजरंगबली मंदिर की अपनी अलग धार्मिक मान्यता है। यहां भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटे हुए स्वरूप में है। इसी वजह से यह मंदिर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
गंगा का पानी घटने के बाद 13 दिन तक बंद रहे मंदिर के कपाट खुले तो यहां एक बार फिर वही भक्तिमय माहौल नजर आया। बाढ़ के बाद मंदिर परिसर में हुई भव्य आरती के साथ श्रद्धालुओं के लिए लेटे बजरंगबली का दरबार फिर सज गया।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved