इस्लामाबाद। दिग्गज भारतीय गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) के निधन के बाद उनके गीतों का प्रसारण करना पाकिस्तान (Pakistan) के एक न्यूज चैनल को भारी पड़ गया। देश के मीडिया नियामक पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (Pakistan Electronic Media Regulatory Authority) ने चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
नियामक संस्था ने जियो न्यूज से पूछा है कि उसने भोसले के निधन की खबर के साथ भारतीय गाने और फिल्मों के दृश्य क्यों प्रसारित किए, जबकि देश में 2018 से भारतीय कंटेंट पर प्रतिबंध लागू है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
PEMRA ने अपने नोटिस में कहा कि इस तरह का प्रसारण पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है, जिसमें भारतीय सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाई गई है।
हालांकि, चैनल के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महान कलाकारों को श्रद्धांजलि देने के दौरान उनके कार्यों को दिखाना पत्रकारिता की परंपरा का हिस्सा है। उनके मुताबिक, आशा भोसले जैसी महान गायिका के कालजयी गीतों को और अधिक प्रसारित किया जाना चाहिए था।
मुंबई में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
उधर, भारत में आशा भोसले का अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रशंसक और फिल्म जगत की हस्तियां मौजूद रहीं।
उन्हें अंतिम विदाई देने वालों में देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, आमिर खान, विक्की कौशल और मशहूर निर्देशक रमेश सिप्पी सहित कई हस्तियां शामिल हुईं।
आठ दशक लंबा रहा संगीत सफर
आशा भोसले ने महज 10 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी और आठ दशकों में करीब 12,000 से अधिक गीत गाए। वह महान गायिका लता मंगेशकर की बहन थीं, जिनका निधन 2022 में हुआ था।
पाकिस्तान में इस पूरे घटनाक्रम को भारत-पाक संबंधों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहां सांस्कृतिक सामग्री पर प्रतिबंध को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं।
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