
नई दिल्ली: नीट-यूजी 2026 की री-एग्जाम 21 जून को आयोजित होने जा रही है और परीक्षा की तारीख नजदीक आते ही सोशल मीडिया पर एक बार फिर पेपर लीक से जुड़ी अफवाहें फैलने लगी हैं. हालांकि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने ऐसे सभी दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है. एजेंसी का कहना है कि परीक्षा की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है ताकि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल मिल सके.
वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अपनी पढ़ाई पर फोकस बनाए रखने की अपील की है. इस बीच पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई द्वारा जारी है. इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने स्पष्ट कहा है कि ऐसी खबरें पूरी तरह फर्जी हैं. एजेंसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वो केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
एनटीए के अनुसार केंद्र, राज्य और जिला स्तर पर समन्वय के साथ परीक्षा की तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है. एजेंसी का उद्देश्य प्रत्येक अभ्यर्थी को सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारु परीक्षा अनुभव उपलब्ध कराना है. परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है.
सरकार ने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए री-एग्जाम में 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है. यह समय उम्मीदवारों को जरूरी विवरण भरने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए मिलेगा. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि री-एग्जाम पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से आयोजित की जाएगी, उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने और किसी भी अफवाह से प्रभावित न होने की सलाह दी.
नीट पेपर लीक मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है. अब तक इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसियां पेपर लीक के वास्तविक स्रोत और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी हैं. साथ ही एनटीए के कुछ अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है. सरकार पहले ही परीक्षा रद्द होने पर खेद जता चुकी है और इस बार निष्पक्ष परीक्षा कराने का भरोसा दिलाया है.
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