
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति (Indian Politics) में स्थायी दोस्ती या दुश्मनी से ज्यादा मायने सत्ता के समीकरण रखते हैं। यहां कई बार ऐसे राजनीतिक गठबंधन (Political Alliance) देखने को मिले हैं, जिन्होंने जनता और राजनीतिक विश्लेषकों दोनों को हैरान कर दिया। कभी एक-दूसरे पर तीखे हमले करने वाले दल बाद में सत्ता की खातिर साथ खड़े नजर आए। आइए जानते हैं भारतीय राजनीति के ऐसे ही पांच सबसे चर्चित और चौंकाने वाले गठबंधनों के बारे में।
1. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस: विरोध से समर्थन तक
साल 2013 में आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की पृष्ठभूमि से राजनीति में एंट्री की थी। पार्टी का पूरा अभियान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और तत्कालीन दिल्ली सरकार के खिलाफ केंद्रित था। चुनाव में 28 सीटें मिलने के बाद बहुमत से दूर रही AAP ने आखिरकार कांग्रेस के बाहरी समर्थन से सरकार बनाई और अरविंद केजरीवाल पहली बार मुख्यमंत्री बने। हालांकि यह सरकार केवल 49 दिन ही चल सकी।
2. बीजेपी और पीडीपी: ‘नॉर्थ पोल-साउथ पोल’ गठबंधन
भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का गठबंधन भारतीय राजनीति के सबसे असामान्य गठबंधनों में गिना जाता है। 2015 में जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने के लिए दोनों दल साथ आए, जबकि उनकी विचारधाराएं पूरी तरह अलग थीं। पहले मुफ्ती मोहम्मद सईद और बाद में महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी के साथ सरकार चलाई। लेकिन वैचारिक मतभेदों के चलते 2018 में यह गठबंधन टूट गया।
3. नीतीश कुमार और लालू यादव: बिहार की बदलती सियासत
नीतीश कुमार की राजनीति का उदय ही लालू प्रसाद यादव के विरोध से हुआ था। फिर भी 2015 में जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस ने मिलकर महागठबंधन बनाया और चुनाव लड़ा। इसके बाद बिहार में कई बार राजनीतिक समीकरण बदले। कभी नीतीश NDA में गए, तो कभी वापस आरजेडी के साथ लौटे। बिहार की राजनीति में यह पाला बदलने का दौर लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
4. शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी: महाराष्ट्र में वैचारिक यू-टर्न
2019 में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। दशकों तक बीजेपी की सहयोगी रही शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद के बाद अलग राह चुन ली। इसके बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी सरकार बनाई। यह गठबंधन वैचारिक रूप से बिल्कुल अलग दलों का मेल माना गया।
5. सपा-बसपा गठबंधन: पुराने विवाद भुलाकर साथ
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का रिश्ता लंबे समय तक कटुता से भरा रहा। इसके बावजूद 2019 लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव और मायावती ने बीजेपी को चुनौती देने के लिए गठबंधन किया। हालांकि चुनावी नतीजों में इसे बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन यह गठबंधन काफी चर्चा में रहा।
सत्ता के समीकरण बदलते रहते हैं
भारतीय राजनीति में गठबंधन अक्सर विचारधारा से ज्यादा राजनीतिक परिस्थितियों और सत्ता संतुलन पर आधारित रहे हैं। समय के साथ विरोधी दल भी साथ आते रहे हैं और कई बार पुराने रिश्ते टूटते-बनते रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय लोकतंत्र में राजनीतिक समीकरण लगातार बदलते रहते हैं।
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