
मनीला। फिलीपींस में इस साल की अब तक की सबसे बड़ी मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 10 संदिग्ध मुस्लिम उग्रवादियों को मार गिराया। यह कार्रवाई शुक्रवार को देश के दक्षिणी हिस्से में हुई, जहां लंबे समय से अलगाववादी हिंसा होती रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह मुठभेड़ तब शुरू हुई जब सेना और पुलिस एक गांव में एक उग्रवादी कमांडर को गिरफ्तार करने पहुंचे थे। तभी ‘दौलह इस्लामिया-माउते’ नाम के समूह से जुड़े संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद करीब एक घंटे तक दोनों तरफ से गोलीबारी चली। इस ऑपरेशन में कमांडर अमेरोल मंगोरांका समेत कुल 10 उग्रवादी मारे गए, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं। राहत की बात यह रही कि इस मुठभेड़ में किसी भी सरकारी जवान को नुकसान नहीं पहुंचा।
सेना के अधिकारियों का कहना है कि मंगोरांका और उसके साथी पहले भी कई हमलों में शामिल रहे थे। जनवरी में हुए एक घात लगाकर हमले में चार सैनिकों की मौत के पीछे भी इसी समूह का हाथ बताया गया था। मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने मौके से चार राइफल, एक पिस्टल, एक ग्रेनेड और बम बनाने का सामान बरामद किया। इस दौरान एक शिशु भी घटनास्थल पर मिला, जिसे तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। हालांकि, उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है।
फिलीपींस के दक्षिणी इलाके में दशकों से मुस्लिअलगाववादी आंदोलन म चलता रहा है। हालांकि, साल 2014 में मोरो इस्लामिक लिबरेशन फ्रंट शांति समझौता के बाद हालात काफी हद तक सुधर गए थे। इस समझौते के तहत बड़े उग्रवादी समूह ने हथियार छोड़कर शांति का रास्ता अपनाया था। लेकिन कुछ छोटे गुट इस समझौते में शामिल नहीं हुए और अब भी समय-समय पर हमले करते रहते हैं।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता है और इससे इलाके में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक सभी छोटे उग्रवादी समूह पूरी तरह खत्म नहीं होते, तब तक इस क्षेत्र में खतरा बना रहेगा।
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