
नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर आयोजित बड़े प्रदर्शन के दौरान चोरी (Theft) और जेबतराशी (Pickpocketing) की घटनाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदर्शन के दौरान कुल 177 से अधिक चोरी और जेबतराशी की घटनाएं सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी निगरानी और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (Facial Recognition System) की सहायता से बड़ी संख्या में संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनकी गतिविधियों की अब विस्तार से जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन और मार्च के दौरान सबसे अधिक शिकायतें मोबाइल फोन, पर्स और अन्य कीमती सामान चोरी होने की मिलीं। विशेष रूप से बड़े मार्च वाले दिन चोरी की घटनाओं में तेजी देखी गई, जब बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद थी। भीड़ का फायदा उठाकर सक्रिय जेबतराशों और चोरी करने वाले गिरोहों ने कई वारदातों को अंजाम दिया।
जांच के दौरान दर्ज शिकायतों और गुम सामान की रिपोर्ट को भी एक साथ जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि कई पीड़ितों ने सीधे चोरी की शिकायत दर्ज कराई, जबकि अनेक लोगों ने अपना सामान खोने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। अधिकारियों का मानना है कि इन मामलों में कुछ घटनाएं जेबतराशी से जुड़ी हो सकती हैं, इसलिए सभी मामलों की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस ने फेस रिकॉग्निशन सिस्टम और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से हजारों लोगों की स्क्रीनिंग की। इस प्रक्रिया में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले कई लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 717 संदिग्धों का नाम चोरी और जेबतराशी से जुड़े मामलों में सामने आया है। पुलिस इन संदिग्धों की गतिविधियों, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और प्रदर्शन के दौरान उनकी मौजूदगी की जांच कर रही है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों की पहचान के बाद विभिन्न पुलिस इकाइयों को उनकी तलाश और पूछताछ के लिए लगाया गया है। अलग-अलग जिलों से जुड़े संदिग्धों की जानकारी संबंधित पुलिस इकाइयों के साथ साझा की गई है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का उद्देश्य चोरी गए सामान की बरामदगी के साथ-साथ ऐसे संगठित गिरोहों की पहचान करना भी है, जो भीड़भाड़ वाले आयोजनों को निशाना बनाते हैं।
फिलहाल सभी मामलों की जांच जारी है और पुलिस लगातार तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और चोरी की घटनाओं में शामिल सभी लोगों को कानून के दायरे में लाने का प्रयास किया जाएगा।
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