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प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन भारतीय लोकतंत्र और संविधान का घोर अपमान – कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे

April 19, 2026


नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Khadge) ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन (Prime Minister Modi’s address to the Nation) भारतीय लोकतंत्र और संविधान का घोर अपमान है (Is grave insult to Indian Democracy and the Constitution) । उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने आधिकारिक संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जो कीचड़ उछालनेवाला और सरासर झूठ भरा था ।


  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “एक हताश और निराश पीएम मोदी, जिनके पास पिछले 12 सालों में दिखाने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है, उन्होंने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया। आचार संहिता पहले से लागू है, फिर भी पीएम मोदी ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपने विरोधियों पर हमला किया। यह लोकतंत्र और भारत के संविधान का घोर अपमान है।” खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस का जिक्र 59 बार किया, जबकि महिलाओं का जिक्र बमुश्किल कुछ ही बार किया। इससे उनकी प्राथमिकताएं साफ हो जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि महिलाएं भाजपा की प्राथमिकता नहीं हैं; कांग्रेस ही महिलाओं के साथ खड़ी है।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास करवाया था, ताकि वह लैप्स न हो जाए। लेकिन भाजपा उस बिल को लोकसभा में पास नहीं करवा पाई। 2023 में लाए गए बिल का भी कांग्रेस ने समर्थन किया। खड़गे ने कहा कि असल बिल अभी भी मौजूद है और 16 अप्रैल को नोटिफाई किया गया था। खड़गे ने सरकार से मांग की कि 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करें। परिसीमन बिलों को महिला आरक्षण बिल के साथ जोड़ना बंद करें। यह परिसीमन बिल था, महिला आरक्षण का संशोधन नहीं।

    खड़गे ने कांग्रेस की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, अंतरिक्ष कार्यक्रम, परमाणु शक्ति, 1991 की आर्थिक उदारीकरण, आरटीआई, आरटीई, मनरेगा, और खाद्य सुरक्षा अधिनियम जैसे कई ऐतिहासिक कानून पास किए। उन्होंने हिंदू कोड बिल, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, और आपराधिक कानूनों में सुधार जैसे महिला-हितैषी कानूनों का भी उल्लेख किया।

    खड़गे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अपने कामों और रवैये दोनों में महिला-विरोधी रही है। उन्होंने हाथरस, उन्नाव, हरियाणा की महिला पहलवानों, बिलकिस बानो और अपनी पार्टी के बलात्कारियों को बचाने के मामलों का जिक्र किया। एनसीआरबी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराध सबसे ज्यादा होते हैं। अंत में खड़गे ने कहा कि 12.5 साल सत्ता में रहने के बाद भी सरकार के पास महंगाई, बिगड़ती अर्थव्यवस्था और जनता की तकलीफों का कोई समाधान नहीं है।

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