
ओस्लो. विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के अनुसार, ‘तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट (India-Nordic Summit) 19 मई 2026 को ओस्लो (Oslo) में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रुन फ्रॉस्टाडॉटिर और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन भी समिट में शामिल होंगे।’
इससे पहले इंडिया-नॉर्डिक सम्मेलन के दो समिट हो चुके हैं, जिनमें पहला साल 2018 में स्टॉकहोम में और दूसरा 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित हुआ था।। इसके जरिए भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों को और ज्यादा रणनीतिक रूप दिया जाएगा, खासकर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, रिन्यूएबल एनर्जी, सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकोनॉमी, रक्षा, अंतरिक्ष और आर्कटिक जैसे क्षेत्रों में सहयोग की उम्मीद है।
इंडिया-नॉर्वे समिट में हुए शामिल
समिट से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस और रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने भारत-ईएफटीए ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में 50 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ और भारत और नॉर्वे के बिजनेस और रिसर्च क्षेत्र से जुड़े 250 से अधिक लोग शामिल हुए। इस दौरान भारतीय और नॉर्वियन संस्थाओं के बीच कई कारोबारी समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए।
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को अपनी पांच देशों की यात्रा के चौथे चरण में नॉर्वे पहुंचे। खास सम्मान दिखाते हुए नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर, नॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गंगटे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वहां मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को दिए जाने वाले सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया।
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