
नई दिल्ली. रूसी राष्ट्रपति (Russian President) व्लादिमीर पुतिन ( Vladimir Putin) मंगलवार को चीन (hina) के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बीजिंग (Beijing) पहुंचेंगे, जहां वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा करेंगे.
पुतिन का ये चीन दौरा काफी अहम बताया जा रहा है, क्योंकि उनका ये दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 14 से 16 मई की बीजिंग यात्रा के ठीक बाद हो रहा है, जिसमें ट्रंप और जिनपिंग ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उपजे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट पर बंद कमरे में बात की थी.
पुतिन की चीन यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बताया कि पुतिन मंगलवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बीजिंग पहुंचेंगे. ये उनकी 25वीं चीन यात्रा हैं, जहां वह चीनी नेता शी जिनपिंग से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा करेंगे.
उन्होंने ये भी कहा कि पुतिन और जिनपिंग व्यापार, एनर्जी और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर वैश्विक मंच पर पश्चिमी प्रभाव का मुकाबला करने और द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए ये वार्ता कर रहे हैं. पुतिन के इस चीन दौरे की क्या अहमियत है, आप इन 5 प्रमुख पॉइंट्स समझें.
ईरान वॉर और होर्मुज संकट में सामरिक समन्वय
ईरान रूस और चीन दोनों का करीबी रणनीतिक सहयोगी है. दोनों देश ईरान को हथियारों के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं और चीन ईरानी तेल का 90% आयात करता है. पुतिन और शी इस मुद्दे पर समन्वय करेंगे, खासकर जब अमेरिका-चीन ने ईरान को परमाणु हथियार न रखने देने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने पर सहमति जताई है.
डोनाल्ड ट्रंप के 14-16 मई के चीन दौरे के तुरंत बाद पुतिन का चीन आना साफ संकेत है कि चीन दोनों महाशक्तियों के साथ संतुलन बनाए रखना चाहता है. ये दौरा अमेरिका-चीन वार्ता के नतीजों को रूस के साथ साझा करने और पश्चिमी दबाव का सामना करने की रणनीति बनाने का मौका देगा.
द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा
पुतिन ने अपने संबोधन में कहा कि रूस-चीन संबंध अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गए हैं. दोनों देश अब व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी में गहरे सहयोग कर रहे हैं. आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों की निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 200 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है और लगभग सभी लेन-देन रूबल और युआन में हो रहे हैं.
पश्चिमी देशों का मुकाबला
दोनों नेता पश्चिमी प्रभाव का विरोध करने, संप्रभुता की रक्षा और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देंगे. शी और पुतिन एक-दूसरे को बेहद अच्छा दोस्त कहते हैं और 2012 से अब तक दर्जनों बार मुलाकात कर चुके हैं. ये साझेदारी समकालीन विश्व राजनीति की सबसे महत्वपूर्ण भागीदारी मानी जाती है.
आने की रणनीतिक साझेदारी
पुतिन ने कहा कि दोनों देश संप्रभुता की रक्षा समेत प्रमुख मुद्दों पर एक-दूसरे को समर्थन देंगे. वीजा फ्री ट्रैवल, पर्यटन, लोगों के बीच आदान-प्रदान और बड़ी पहलें इस साझेदारी को और मजबूत करेंगी. इस दौरे से दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को बहुत बढ़ावा मिल रहा है.
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