img-fluid

बलूचिस्तान में बढ़ा तनाव: सेना पर 5 और नागरिकों के अपहरण का आरोप, क्वेटा में 15 दिन से जारी प्रदर्शन

May 08, 2026

इस्लामाबाद। बलूचिस्तान (Balochistan) में एक बार फिर मानवाधिकार उल्लंघन (Human Rights Violations) के गंभीर आरोप सामने आए हैं। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गुरुवार को दावा किया कि पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) ने प्रांत में पांच और नागरिकों (नागरिकों ) को जबरन लापता कर दिया है। यह घटनाएं ऐसे समय में सामने आई हैं जब क्षेत्र में पहले से ही जबरन गायब किए जाने और गैर-न्यायिक हत्याओं को लेकर तनाव बना हुआ है।

शिक्षकों समेत 5 लोगों के अपहरण का आरोप
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ के अनुसार, 5 मई को पंजगुर जिले के पारूम क्षेत्र से दो शिक्षकों 45 वर्षीय अब्दुल हमीद और 36 वर्षीय नासिर अली—को फ्रंटियर कोर के कर्मियों द्वारा उठाए जाने का आरोप है। संगठन ने कहा कि शिक्षकों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है और यह बलूचिस्तान में मनमानी गिरफ्तारियों की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

2 मई को भी कई नागरिकों के लापता होने का दावा
मानवाधिकार संगठन के अनुसार, 27 वर्षीय अल्ताफ हुसैन बलूच को 2 मई को हब चौकी से आतंकवाद-रोधी विभाग (CTD) के कर्मियों द्वारा उठाए जाने का दावा किया गया है। इसी दिन एक अन्य घटना में 40 वर्षीय जान खान और उनके 20 वर्षीय बेटे अब्दुल सत्तार को क्वेटा स्थित उनके घर से कथित तौर पर अगवा किया गया।


  • मानवाधिकार संगठनों की कड़ी प्रतिक्रिया
    पांक ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कृत्य मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं और इससे परिवार लंबे समय तक मानसिक पीड़ा और अनिश्चितता में रहते हैं। संगठन ने पाकिस्तानी अधिकारियों से अपील की है कि लापता व्यक्तियों को तुरंत रिहा किया जाए या उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाए।

    क्वेटा में 15 दिन से छात्रों का धरना जारी
    इसी बीच क्वेटा में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। बोलन मेडिकल कॉलेज (BMC) के बाहर छात्रों का धरना बुधवार को लगातार 15वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारी छात्रा खदीजा बलूच की रिहाई की मांग कर रहे हैं, जिन्हें 21 अप्रैल को महिला छात्रावास से सुरक्षा बलों द्वारा कथित रूप से उठाए जाने का आरोप है।

    प्रशासन पर निष्क्रियता के आरोप
    बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) का कहना है कि लगातार 15 दिनों के प्रदर्शन के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। संगठन ने इसे परिवारों और प्रदर्शनकारियों की चिंता को बढ़ाने वाला बताया है।

    बलूचिस्तान में बढ़ता तनाव
    बलूचिस्तान में पिछले लंबे समय से जबरन गायब किए जाने और कथित गैर-न्यायिक कार्रवाइयों को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है।

    Share:

  • ऋषि कपूर-नीतू कपूर के बयान से चर्चा में परिवार, रिद्धिमा के करियर को लेकर पुरानी सोच फिर आई सामने

    Fri May 8 , 2026
    नई दिल्ली। कपूर परिवार(Kapoor family) लंबे समय से भारतीय फिल्म इंडस्ट्री(Indian film industry) का एक बड़ा नाम रहा है। इस परिवार ने कई पीढ़ियों तक बॉलीवुड को सुपरस्टार्स (superstars)दिए हैं, लेकिन इसी परिवार की रिद्धिमा कपूर साहनी ने लंबे समय तक फिल्मी दुनिया से दूरी बनाए रखी। अब 45 वर्ष की उम्र में वह अभिनय […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved